Rajasthan News: राजस्थान के टोंक जिला मुख्यालय पर स्थित पंचायत समिति कार्यालय में एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है. यहां तैनात ब्लॉक विकास अधिकारी सरिता राठौड़ को कार्यालय में ही जान से मारने की धमकी दी गई. इस घटना को लेकर बीडीओ ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
अनुशासनहीनता पर समझाना पड़ा भारी
बीड़ीओ सरिता राठौड़ ने बताया कि पंचायत समिति टोंक में अरावली संस्था जयपुर द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना अभियान के तहत अरविन्द कुमार मेहरा को ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पद पर लगाया गया था. यह कार्मिक लंबे समय से कार्यालय में अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार करता आ रहा था. इसी को लेकर शुक्रवार को बीडीओ ने उसे अपने चेंबर में बुलाकर समझाने का प्रयास किया.
चेंबर में किया अभद्र व्यवहार
समझाने के दौरान अरविन्द कुमार मेहरा अचानक आवेश में आ गया और तेज आवाज में बात करने लगा. जब बीडीओ ने उसे शांत रहने को कहा तो उसने अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया. आरोप है कि उसने बीडीओ को चोटी पकड़कर बाहर निकालने और चाकू से मारने की धमकी दी. उसकी आवाज सुनकर कार्यालय के अन्य कर्मचारी चेंबर में पहुंचे और उसे पकड़कर बाहर ले गए.
कर्मचारियों के सामने दी धमकी
चेंबर से बाहर निकालने के बाद भी आरोपी ने बीडीओ को जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया. कुछ देर में वह मौके से फरार हो गया. घटना के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया.
अनुपस्थिति के बावजूद लगाता था हाजिरी
बीडीओ ने बताया कि अरविन्द कुमार मेहरा अधिकांश समय कार्यालय से अनुपस्थित रहता था. वह एक दो दिन में आकर अपनी हाजिरी लगा देता था. दो दिन पहले भी वह बिना ड्यूटी किए आया और हाजिरी दर्ज कर दी. इसी बात को लेकर उसे बुलाकर समझाया गया था.
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि बीडीओ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी पर राजकार्य में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं. पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी.