Rajasthan News: राजस्थान में संगठित अपराध के खिलाफ अब कानून और सख्त होता नजर आ रहा है. कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा उर्फ रोहित स्वामी के खिलाफ श्रीगंगानगर पुलिस ने ऐतिहासिक कदम उठाया है. कोर्ट ने धारा 82 BNSS के तहत गोदारा के खिलाफ उद्घोषणा जारी करते हुए उसे अंतिम चेतावनी दी है.
बिना उपस्थिति के चलेगा ट्रायल
यह राजस्थान का संभवतः पहला मामला है जिसमें किसी बड़े अपराधी के फरार रहने के बावजूद उसकी गैर मौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. पुलिस ने नए कानून की धारा 356 BNSS के तहत एब्सेंटिया ट्रायल का आवेदन किया था जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है.
फिरौती केस से खुला पूरा नेटवर्क
इस मामले की शुरुआत 4 जून 2025 को हुई थी जब श्रीगंगानगर के एक व्यापारी से विदेशी नंबरों के जरिए व्हाट्सएप कॉल पर भारी फिरौती मांगी गई. सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और पहली किस्त लेने पहुंचे चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया.
5 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 लाख रुपये की फिरौती राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार बरामद की. गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार उर्फ रॉकेट कुलदीप कुमार नीरज स्वामी और श्यामसुंदर शामिल हैं. जांच में सामने आया कि ये सभी सीधे तौर पर रोहित गोदारा के संपर्क में थे.
19 जनवरी तक की मोहलत
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के अनुसार कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि यदि रोहित गोदारा 19 जनवरी 2026 तक पेश नहीं होता है तो उसकी अनुपस्थिति में ही ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. अब तक फरार अपराधियों के मामले वर्षों तक लटके रहते थे लेकिन नए कानून ने पुलिस को बड़ी ताकत दी है.
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