हनुमानगढ़ में फिर होगी महापंचायत, सिंचाई पानी की मांग को लेकर 35 गांवों के हजारों किसान होंगे शामिल

राजस्थान के हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की किल्लत से परेशान किसान अब आंदोलन के मूड में हैं. नहर के नवनिर्माण और पूरा पानी देने की मांग को लेकर 23 जनवरी को बड़ी महापंचायत होगी.

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हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की किल्लत से परेशान किसान अब आंदोलन के मूड में हैं

Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नोहर फीडर नहर की बदहाल स्थिति को लेकर किसानों में गहरा रोष है. नहर के नवनिर्माण और खेतों तक पूरा सिंचाई पानी पहुंचाने की मांग को लेकर 23 जनवरी, शुक्रवार को भगवान हैड पर किसानों की विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी. महापंचायत से पहले गुरुवार को किसानों ने भगवान हैड पर पत्रकार वार्ता कर आंदोलन की पूरी रूपरेखा सामने रखी.

जर्जर नहर से परेशान किसान

पत्रकार वार्ता में नोहर पंचायत समिति के निवर्तमान प्रधान सोहन ढिल ने कहा कि नोहर फीडर नहर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. जगह जगह से नहर टूट रही है और पानी का भारी नुकसान हो रहा है. इसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए एक एक बूंद पानी को तरस रहे हैं.

अब आश्वासन नहीं कार्रवाई चाहिए

सोहन ढिल ने साफ शब्दों में कहा कि किसान अब केवल आश्वासन सुनने को तैयार नहीं है. कई बार मांग रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि इस बार किसान आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

35 गांवों के हजारों किसान होंगे शामिल

उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को होने वाली महापंचायत में 35 गांवों के हजारों किसान भाग लेंगे. महापंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी. इसमें धरना प्रदर्शन और बड़े आंदोलनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं. इसके लिए गांव गांव में जनसंपर्क किया गया है और किसानों में भारी उत्साह और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं.

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सिंचाई विभाग पर लापरवाही के आरोप

संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरमेल सिंह ने सिंचाई विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहर में मनमर्जी से पानी छोड़ा जा रहा है. न तो समय पर पानी मिलता है और न ही जरूरत के अनुसार. इससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं.

किसानों की चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर नोहर फीडर नहर में पूरा पानी नहीं छोड़ा गया और नवनिर्माण को लेकर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा. किसानों ने सभी गांवों के लोगों से परिवार सहित भगवान हैड पहुंचने की अपील की है. किसानों का कहना है कि यह लड़ाई उनके भविष्य से जुड़ी है.

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