
Rajasthan: राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर में एक केमिकल फैक्ट्री में गैस रिसाव की एक बड़ी घटना हुई है जिससे फैक्ट्री मालिक और एक अन्य युवक की मौत हो गई और 30 से ज़्यादा लोग बीमार हो गए. रिसाव की यह घटना सोमवार रात (31 मार्च) को हुई. ब्यावर में बलाड रोड पर स्थित सुनील ट्रेडिंग कंपनी में एक टैंकर को खाली किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि टैंकर में 27 टन नाइट्रेट गैस थी. इसमें से 18 टन गैस पहले ही खाली हो चुकी थी और 9 टन गैस बची थी. लेकिन, किसी ने टैंकर का ढक्कन खोल दिया जिससे अचानक गैस लीक हो गई.
इस घटना में केमिकल फैक्ट्री के मालिक सुनील कुमार सिंघल समेत अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. कई और लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें से कुछ लोगों की हालत गंभीर है.
नाइट्रेट गैस क्या होती है?
नाइट्रेट गैस नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का मिश्रण होती है. नाइट्रेट का कृषि कार्यों, फूड इंडस्ट्री और औद्योगिक कार्यों तथा कई और कार्यों में इस्तेमाल होता है.
खेती में नाइट्रेट का इस्तेमाल उर्वरक के तौर पर होता है. इसका इस्तेमाल फूड प्रीजर्वेटिव के तौर पर भी होता है. मेडिकल क्षेत्र में भी इसका इस्तेमाल इलाज के लिए होता है. इसके अलावा हथियारों और विस्फोटकों में भी नाइट्रेट का उपयोग किया जाता है.
इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े कामों में भी इसका इस्तेमाल होता है तथा सोल्डरिंग के लिए नाइट्रोजन का उपयोग होता है क्योंकि इससे जंग नहीं लगती है.
नाइट्रेट कितनी ख़तरनाक है?
नाइट्रोजन या नाइट्रेट की अत्यधिक मात्रा इंसानों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि इससे आस-पास ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे सांस लेने में परेशानी होती है और दम घुटने लगता है.
इससे कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. नाइट्रेट की मात्रा के हिसाब से अलग-अलग तरह के लोगों में अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति बहुत ज़्यादा नाइट्रेट के संपर्क में आता है तो ऑक्सीजन की कमी से वह अचेत हो सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है.
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