
Rajasthan News: प्रदेश के पांच आदिवासी जिलों में सिकल सेल एनीमिया रोग धीरे-धीरे अपना शिकंजा कसने लगा है. इसे देखते हुए चिकित्सा विभाग की ओर से इन जिलों में सिकल सेल एनीमिया की पहचान और उन्मूलन के लिए अभियान शुरू किया जाएगा. इसके तहत जीरो से 40 वर्ष आयु के लोगों की पीओसी स्क्रीनिंग टेस्ट (POC Screening Test) होगा. स्क्रीनिंग के पश्चात सभी लाभार्थियों को जेनेटिक काउंसलिंग पहचान कार्ड भी दिए जाएंगे. इसके अलावा क्षय उन्मूलन और जन औषधि केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराई जाएगी.
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम और राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण, जांच और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तर और ब्लॉक स्तर पर पांच-पांच सदस्य समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एच. एल. ताबियार ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में किए गए सर्वे में सिकल सेल एनीमिया के मरीज मिले हैं. इस बीमारी को लेकर विभिन्न कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार की ओर से आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत सिकल सेल एनीमिया को लेकर जांच की जाएगी. इसके लिए हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे.
सबसे अधिक केस सिरोही में
बांसवाड़ा जिले में 9829 लोगों का सर्वे हुआ जिसमें से 729 सिकल सेल एनीमिया पॉजिटिव पाए गए. इसी तरह प्रतापगढ़ में 7587 लोगों का सर्वे हुआ, जिसमें 418 पॉजिटिव पाए गए. उदयपुर में 10008 लोगों का सर्वे किया गया जिसमें से 654 पॉजिटिव पाए गए, डूंगरपुर जिले में 7528 लोगों का जांच हुई जिसमें से 142 लोगों पॉजिटिव पाए गए. वहीं सबसे अधिक सिरोही जिले में 1800 लोगों की जांच में 189 लोग सिकल सेल एनीमिया पॉजिटिव पाए गए.
क्या है सिकल सेल एनीमिया विकार
सिकल सेल एनीमिया वंशानुगत एक बीमारी है यह शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचने वाली लाल रक्त कोशिकाओं के आकार को बदल देता है. सिकल सेल एनीमिया ऐसा रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं जल्दी टूट जाती हैं जिसके कारण एनीमिया तथा अन्य जटिलताएं जैसे कि वेसो-ओक्लुसिव क्राइसिस, फेफड़ों में संक्रमण, एनीमिया, गुर्दे और यकृत की विफलता, स्ट्रोक आदि के कारण रूग्णता और मृत्यु की सम्भावना होती है.