Rajasthan News: प्रदेश में बेखौफ होते बजरी माफिया और पुलिस पर बढ़ते हमलों को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. जूली ने सीधा आरोप लगाया है कि अवैध खनन का यह 'काला खेल' सरकार और विधायकों की मिलीभगत से चल रहा है.
जूली ने केकड़ी की हालिया घटना को 'शर्मनाक' बताते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का नहीं, बल्कि माफिया का राज है. "एक एएसआई (ASI) खुद स्वीकार कर रहा है कि उस पर कार्रवाई न करने के लिए विधायक का फोन आया और फिर उसे हटा दिया गया. यह इस बात का सबूत है कि पुलिस के हाथ बांध दिए गए हैं और माफिया को 'सत्ता का कवच' मिला हुआ है."
अरावली का चीरहरण और सरकार का दोहरा चरित्र
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा, "बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा सरकार में अरावली का सीना छलनी किया जा रहा है. बातें पर्यावरण बचाने की होती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बजरी माफिया को खुली छूट दे दी गई है."
मुख्यमंत्री बताएं, कार्रवाई करेंगे या बचाएंगे?
जूली ने मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा, "हम पहले दिन से कह रहे हैं कि इस अवैध कारोबार में आपके मंत्री और विधायक बराबर के हिस्सेदार हैं. अगर ऐसा नहीं है, तो मुख्यमंत्री उच्च स्तरीय जांच के आदेश क्यों नहीं देते? केकड़ी मामले में विधायक की भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही?"
नेता प्रतिपक्ष ने साफ कर दिया कि सरकार की यह चुप्पी अब नहीं चलेगी. "विधानसभा का बजट सत्र सामने है. हम देखेंगे कि सरकार माफिया पर कार्रवाई करती है या फिर अपनी 'बचाओ और कमाओ' नीति पर चलती है. सदन में सरकार को एक-एक सवाल का जवाब देना होगा."
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