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टीकाराम जूली का सीएम पर तंज, बोले- 'ढाई साल में खुद का एक भी प्रोजेक्ट गिनाएं सरकार'

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के ढाई साल के कामकाज पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सीएम को चुनौती दी कि वे खुद के शुरू किए किसी एक बड़े प्रोजेक्ट का हिसाब दें और श्रेय लेने की राजनीति बंद करें.

टीकाराम जूली का सीएम पर तंज, बोले- 'ढाई साल में खुद का एक भी प्रोजेक्ट गिनाएं सरकार'
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली.

Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'क्रेडिट लेने वाली सरकार' करार दिया है. जूली ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए पूछा है कि आखिर वे कौन सी एक बड़ी मौलिक परियोजना है जिसे इस सरकार ने खुद शुरू किया और ढाई साल में उसे धरातल पर पूरा करके दिखाया है.

सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित विकास

नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ श्रेय लेने और विज्ञापनों में हेरफेर करने पर है. जनता आज भी उन कार्यों का इंतज़ार कर रही है जो धरातल पर दिखें. जूली ने स्पष्ट कहा कि केवल कागजों में योजनाएं बनाने या पिछली सरकार के कामों को अपना बताने से प्रदेश का भला नहीं होगा. सरकार को प्रशासनिक शिथिलता त्यागकर धरातल पर काम करना होगा.

पानी के मुद्दे पर सरकार घिरी

जूली ने यमुना जल समझौते और ERCP को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर जनता से किए गए वादे महज जुमले साबित हुए हैं. बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर श्रेय लेने वाली सरकार यह बताए कि आज ढाई साल बाद भी शेखावाटी और पूर्वी राजस्थान के जिलों को पानी क्यों नहीं मिल पाया? प्यासी जनता आज भी पानी के लिए परेशान है और सरकार केवल दावे कर रही है.

रिफाइनरी पर कांग्रेस का हक

पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण पर बोलते हुए जूली ने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं क्योंकि यह राजस्थान की प्रगति के लिए है. लेकिन यह याद रखना आवश्यक है कि यह कांग्रेस की दूरगामी सोच का नतीजा है. वर्तमान सरकार केवल फीता काटने का काम कर रही है, जबकि इसकी नींव पिछली कांग्रेस सरकार ने ही रखी थी.

स्वयं की लकीर खींचने का समय

अंत में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि दूसरों के कामों का श्रेय लेने की राजनीति बंद करें. ढाई साल का समय बहुत होता है और अब मुख्यमंत्री को अपनी खुद की लकीर खींचकर दिखानी चाहिए ताकि जनता को पता चल सके कि उनकी कौन सी नीति से राजस्थान का विकास हुआ है. अब वक्त आ गया है कि सरकार अपनी विफलता छुपाने के बजाय अपनी कार्यक्षमता सिद्ध करे.

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