Iran-Israel Conflict Impact: केसर की वह भीनी- भीनी महक जब हवा में घुलती है तो हर कोई इसकी खुशबू का दीवाना हो जाता है. लेकिन अब इस की महक बीते सपने जैसी होने वाली है. अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने वैश्विक व्यापार की कमर तोड़ दी है.इसका सबसे बड़ा असर ईरान से आने वाली केसर और ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई पर पड़ा है, जिसके चलते बाजार में इनके भावों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है.
40 हजार रुपए प्रति किलो बढ़ा भाव
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी तक जो केसर बाजार में 210 रुपए प्रति ग्राम के भाव से बेची जा रही थी, युद्ध के चलते इस केसर के भाव में प्रतिदिन इजाफा देखा जा रहा है. वर्तमान में वही केसर 250 से 260 रुपए प्रति ग्राम तक पहुंच गए हैं. यानी सीधे तौर पर प्रति किलो भाव में 40,000 रुपये की भारी तेजी आई है. व्यापारियों का मानना है कि यदि युद्ध के हालात नहीं सुधरे, तो कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं.

ईरान का केसर महंगा
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व्यापारियों का करोड़ों रुपए युद्ध में फंसे
केसर व्यापारी उतम बोथरा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण व्यापारियों का करोड़ो रुपये का माल ईरान के पोर्ट्स पर अटका हुआ है. ईरान के व्यापारिक नियमों के मुताबिक, वे पहले भुगतान (पेमेंट) लेते हैं और माल की डिलीवरी केवल अपने पोर्ट तक ही देते हैं. युद्ध के कारण शिपिंग कंपनियों ने सप्लाई रोक दी है, जिससे भारतीय व्यापारियों का पैसा और माल दोनों बीच में फंस गए हैं.
मिठाई व्यापार भी हो रहा है प्रभावित
केसर की किल्लत का असर अब खाद्य उद्योगों पर भी दिख रहा है.व्यापारी विष्णु अग्रवाल बताते है कि फिनी की मिठाई में केसर की डिमांड अत्यधिक रहती लेकिन पैसा देने के बाद भी बाजार में माल उपलब्ध नहीं है. गर्मियों के सीजन में केसर के शरबत की मांग बहुत रहती है लेकिन सप्लाई न होने के कारण 200 रुपये वाली शरबत की बोतल अब 300 रुपये तक बिक रही है.
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