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This Article is From Mar 30, 2026

ईरान-इजरायल युद्ध की मार से राजस्थान में विकास पर ब्रेक! डामर ₹62,000 पार, सीमेंट-सरिए के दामों ने बिगाड़ा बजट

Rajasthan News: अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के चलते राजस्थान में निर्माण सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं. डामर और सीमेंट की कीमतों में उछाल से सड़क परियोजनाएं ठप होने की कगार पर हैं.

ईरान-इजरायल युद्ध की मार से राजस्थान में विकास पर ब्रेक! डामर ₹62,000 पार, सीमेंट-सरिए के दामों ने बिगाड़ा बजट
Iran Israel War impact on rajasthan
Meta AI

Israel-Iran Conflict Impact: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते युद्ध के बादलों ने राजस्थान के विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है. अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब  प्रदेश के निर्माण सेक्टर और सड़क परियोजनाओं पर साफ दिखाई दे रहा है. कच्चे माल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने सरकारी ठेकेदारों और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स के गणित को पूरी तरह बिगाड़ दिया है.

डामर और सीमेंट के दामों में लगी आग

निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने लागत बढ़ा दी है.सड़क निर्माण में काम आने वाला डामर फरवरी में जहां 48,000 प्रति टन था. जो अब बढ़कर करीब 62,000 रू हो गया है. गिट्टी, सीमेंट, पीवीसी और अन्य सामग्री के दामों में 10 से 20% तक इजाफा हुआ है. लोहे के सरिए से लेकर सेनेटरी आइटम के दामों तेजी से उछाल देखा गया है. जिसका सीधा असर निर्माण कार्यों की रफ्तार पर पड़ रहा है.

बढ़ी किमतों को लेकर सरकारी ठेकेदार अशोक कुमार ने बताया कि जब टेंडर लिया था, उस समय लागत कुछ और थी, अब सामग्री 10–20% तक महंगी हो चुकी है.  ऊपर से लेबर भी रेट बढ़ा रही है. ऐसे में काम करना घाटे का सौदा बन गया है.

अधूरे रह सकते हैं सड़क निर्माण के सपने

यह स्थिति सिर्फ लागत बढ़ने तक सीमित नहीं है.कई परियोजनाओं में काम धीमा पड़ गया है. जिसके कारण कुछ जगहों पर काम रोकने की नौबत आ गई है. जस्थान कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अनुसार, इन चीजों पर बढ़े दामों के कारण राज्य में सड़क निर्माण कार्य सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. हालात ऐसे है कि अकेले कोटा संभाग में सड़क निर्माण में करीब 1000 टन डामर की खपत होती है लेकिन बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई जगहों पर काम धीमा हो गया है या रोकने की नौबत आ गई है.माफियाओं द्वारा की जा रही जमाखोरी ने इस आग में घी डालने का काम किया है.


बढ़ी हुई लागत की जाए भरपाई

राजस्थान कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील गर्ग के मुताबिक,' संगठन की मांग है कि सरकार कोई राहत की घोषणा करे. कोटा कॉन्ट्रैक्टर संगठन के अध्यक्ष योगेश शर्मा ,उपाध्यक्ष मुकेश नंदवाना का कहना है कि सीमेंट का कट्टा ₹230 से बढ़कर ₹300 के करीब पहुंच गया है. अगले महीने और ₹30–40 प्रति बैग बढ़ने की आशंका है. लगातार बढ़ती लागत से प्रोजेक्ट प्रभावित  हो रहे है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि ठेकेदारों के लिए राहत पैकेज घोषित किया जाए, बढ़ी हुई लागत की भरपाई की जाए, ताकि काम समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा हो सके.

पेट्रोकेमिकल उत्पादों में बढ़ोतरी ने पूरा गणित बिगाड़ दिया

वही पेट्रोल - डीजल पर दाम कम करने पर ठेकेदार संगठनों सरकार का आभार जताया है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए, इसके लिए आभार लेकिन पेट्रोकेमिकल उत्पादों में बढ़ोतरी ने पूरी गणित बिगाड़ के रख दिया है,अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो कई प्रोजेक्ट लटक सकते हैं. 

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