ATM कार्ड से ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 1 से 8 तारीख के बीच ही करते थे वारदात, वजह कर देगी हैरान

जयपुर पुलिस ने एटीएम बदलकर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय 'SVS' गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग महीने की शुरुआत में सैलरी आने पर सक्रिय होती थी. गैंग का मुख्य सरगना हत्या के मामले में फरार चल रहा इनामी बदमाश है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

Rajasthan News: एटीएम से पैसा निकालते समय अजनबियों की मदद लेना आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है. जयपुर की झोटवाड़ा पुलिस ने एक ऐसे ही खतरनाक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पलक झपकते ही एटीएम कार्ड बदलकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा लिया करता था. इस गैंग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित देश भर के कई राज्यों में वारदातें की है. इसमें सबसे अनोखी बात यह है कि केवल 1 से 8 तारीख़ तक ही यह वारदात करते हैं, क्योंकि यह वही समय है जब खातों में सैलरी आती है.

कैसे हुआ गैंग का पर्दाफाश?

ठगी की यह कहानी तब शुरू हुई जब 26 अप्रैल को झोटवाड़ा इलाके में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ एटीएम बूथ पर धोखाधड़ी हुई. बुजुर्ग रुपए निकालने गए थे और वहां मौजूद शातिर बदमाशों ने मदद के बहाने उनका कार्ड बदल लिया.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी जयपुर वेस्ट प्रशांत किरण के नेतृत्व में पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई. पुलिस ने शहर के लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों के भागने के रास्ते (रूट मैप) का पीछा करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को धर दबोचा.

गैंग के नाम के पीछे का अनोखा राज 

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान वीरेंद्र सिंह, सोनू और सद्दाम के रूप में हुई है. इन तीनों ने अपने नाम के पहले अक्षर को जोड़कर इस गैंग का नाम 'SVS' रखा था. यह गैंग इतनी शातिर है कि इन्होंने केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी अपना जाल बिछा रखा था. पूछताछ में सामने आया कि ये लोग अब तक दो दर्जन से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुके हैं.

महीने की 1 से 8 तारीख ही क्यों?

इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली है. आरोपी केवल महीने की 1 तारीख से 8 तारीख के बीच ही सक्रिय होते थे. इसके पीछे का कारण यह था कि इसी दौरान नौकरीपेशा लोगों और मजदूरों के खातों में सैलरी आती है और बैंक बैलेंस ज्यादा रहता है. वे एटीएम बूथ के बाहर खड़े होकर ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो तकनीक के साथ थोड़े असहज हों और मदद की तलाश में हों.

हत्या का आरोपी निकला मास्टरमाइंड

जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. गैंग का मास्टरमाइंड सोनू वैष्णव है जिसके खिलाफ डीग जिले में हत्या का संगीन मामला दर्ज है. सोनू पर डीग एसपी द्वारा 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था और वह अपनी फरारी काटने के लिए जयपुर आया हुआ था और यहां आकर उसने ठगी का यह नया धंधा शुरू कर दिया. पुलिस ने इनके पास से एक गाड़ी और कई एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है जिससे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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