Rajasthan News: जयपुर में राजस्थान आवासन मण्डल ने शुक्रवार को सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से आजाद कराने के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. हाई कोर्ट के आदेशों के बाद मण्डल ने टोंक रोड स्थित चैनपुरा और दुर्गापुरा इलाके की 42 बीघा से अधिक की बेशकीमती जमीन से अवैध अतिक्रमण पूरी तरह हटा दिया है.
क्या था पूरा मामला
यह विवादित जमीन वर्षों से चर्चा में थी. आवासन मण्डल ने 1990 में इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी और 1991 में विधिवत कब्जा भी ले लिया था. आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने अवैध इकरारनामों के जरिए यह जमीन एक हाउसिंग सोसाइटी को बेच दी. सोसाइटी ने इस पर 'श्रीराम कॉलोनी' बसाकर लोगों को अवैध पट्टे बांट दिए थे.
हाई कोर्ट का सख्त रुख
मामला लंबे समय से अदालतों में चल रहा था. 9 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट ने मण्डल के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सोसाइटी के सभी इकरारनामों को अवैध और शून्य घोषित कर दिया. इसके बाद 18 मई 2026 को खण्डपीठ द्वारा स्थगन आदेश हटाए जाने के साथ ही मण्डल के लिए कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया.
मौके पर की गई बड़ी कार्रवाई
मण्डल सचिव गोपाल सिंह शेखावत के नेतृत्व में भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंची टीम ने देखते ही देखते अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया. कार्रवाई के दौरान मण्डल ने अपनी संपत्ति के बोर्ड लगाकर फिर से मालिकाना हक स्थापित किया है. इस दौरान मुख्य अभियन्ता अमित अग्रवाल सहित बोर्ड के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. आवासन मण्डल का साफ कहना है कि अवाप्तशुदा भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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