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This Article is From Apr 02, 2026

26 सालों में पहली बार DISCOM ने वसूला सबसे ज्यादा 102 प्रतिशत रेवेन्यू, 599 करोड़ का बिजली बकाया भी वसूल

बिजली विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए के नायब तरीके भी अपनाये, खासकर ऐसी जोन में जहां बिजली चोरी एक चलन बन चूका था. भरतपुर जोन में ड्रोन्स के माध्यम से पता लगाया गया

26 सालों में पहली बार DISCOM ने वसूला सबसे ज्यादा 102 प्रतिशत रेवेन्यू, 599 करोड़ का बिजली बकाया भी वसूल
डिस्कॉम की कार्रवाई

Rajasthan News: जयपुर डिस्कॉम ने 26  सालों में पहली  बार सबसे ज़्यादा राजस्व (Revenue) इकठा करने का रिकॉर्ड बनाया है. बताया जा रहा है कि जयपुर DISCOM ने पहली बार बकायदारों से 102 प्रतिशत राजस्व हासिल किया है. रेवेन्यू में 599 कोड़ रुपये का बकाया भी है. जो बिजली विभाग ने पुराने बकायदारों से वसूल किया है. बकायदारों से वसूली का नतीजा ये रहा है कि बिजली विभाग के AT and C लॉसेस भी 9.24 प्रतिशत रहे.

ऊर्जा विभाग में सचिव आरती डोगरा का कहना है कि विभाग के टीमों ने कड़ी मेहनत की. खासकर लोगों के बीच में जाकर, गांव में बैठ के कैंप लगाए गए. पहले उन  जगह को चयनित किया गया जहां बिजली विभाग घाटे में जा रहा था, वहां कैंप लगा कर बकाया राशि जमा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया. ख़राब मीटर्स को बदला गया जिससे राजस्व वसूली संभव हुई है.

ड्रोन से बिजली चोरी का लगाया पता

बिजली विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिए के नायब तरीके भी अपनाये, खासकर ऐसी जोन में जहां बिजली चोरी एक चलन बन चूका था. भरतपुर जोन में ड्रोन्स के माध्यम से पता लगाया गया की कहां-कहां लोग या तो गैर क़ानूनी और जुगाड़ के ट्रांसफार्मर खुद लगा कर लाइन से बिजली चुरा रहे है या कहीं-कहीं सीधे बिजली लाइन से तार जोड़ के बिजली चुरा रहे है.

ड्रोन से बिजली चोरी का पता लगाया गया

ड्रोन से बिजली चोरी का पता लगाया गया

गैर क़ानूनी कनेक्शन हटवा कर वहां कैंप लगा के लोगों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया और ये प्रयास सफल रहा. भरतपुर जोन में सबसे ज़्यादा 104.63 प्रतिशत राजस्व की वसूली हुई. बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार जुगाड़ या गैर क़ानूनी ट्रांसफार्मर बनाने का चलन ज़्यादातर सीमवर्ती ज़िलों में रहते है, जैसे धौलपुर करौली और कुछ हद तक झलवार और बारां.

मीटर बदलवाना और मरम्मत बड़ी चुनौती

दूसरी बड़ी पहल रही ख़राब मीटर्स को बदलना और उनकी मरम्मत करवाना. केबलिंग को ठीक करना और 100%  ख़राब चल रहे मीटर्स को ठीक करने से भी बिजली विभाग ने ये लक्ष्य हासिल किया है.

आंकड़ें आपने आप में कहानी बयां करते है. क्योंकि पिछले साल बिजली चोरी और बकाया बिल नहीं चुकने करीब 14% रहा, इस बार यह 9.24% पर आ गया है. और जयपुर विद्युत् वितरण निगम ने राजस्व संग्रहण के मामले में पूर्व के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है.

निगम की कुल राजस्व वसूली 29,462 करोड़ रुपए से अधिक

वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम की कुल राजस्व वसूली 29,462 करोड़ रुपए से अधिक रही. कुल बिलिंग राशि 28,863 करोड़ रुपए से यह 599 करोड़ रुपए अधिक है. इसका तात्पर्य यह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने जितनी बिजली उपभोक्ताओं को दी, उसकी शत-प्रतिशत राशि तो वसूल की ही साथ ही बकाया 599 करोड़ रुपए भी पुराने बकायादारां से वसूल कर लिये.

जयपुर और अजमेर डिस्कॉम सुदृढ़ हो चुके है अब विभाग का कहना है की जोधपुर का भी इस साल बेहतर प्रदर्शन रहने के लिए प्रयास किये जायेंगे.

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