जयपुर नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला- वार्ड बदलकर नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, 'गद्दारों' पर भी नजर

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रत्याशी को वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. साथ ही टिकट से पहले कार्यकर्ताओं की लॉयल्टी की परख भी की जाएगी.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नगर निकाय चुनाव में वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने का मौका नहीं देगी कांग्रेस.

नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. पार्टी ने साफ कर दिया है कि मौजूदा पार्षदों समेत किसी भी दावेदार को वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जिस वार्ड में कार्यकर्ता का घर है, टिकट के लिए उसकी दावेदारी भी उसी वार्ड से होगी. पूर्व मंत्री और लोकसभा प्रत्याशी रहे प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि अगर किसी मौजूदा पार्षद का वार्ड आरक्षण में बदलाव के कारण चुनाव लड़ने के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है और वह दूसरे वार्ड से टिकट मांगता है, तो यह ठीक नहीं है. 

Gen Z, महिलाओं और ओबीसी वर्ग को भी मिलेगा मौका

खाचरियावास ने कहा कि पार्टी Gen–Z, महिलाओं और ओबीसी वर्ग को भी प्रतिनिधित्व का मौका देगी. हालांकि, किसी वार्ड में कई कार्यकर्ताओं की दावेदारी होने की स्थिति में मजबूत कार्यकर्ता को प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हर वार्ड में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद हैं, ऐसे में कार्यकर्ताओं को अपने ही वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगना चाहिए.

Advertisement

लोकसभा चुनाव में गद्दारी करने वालों पर नजर

खाचरियावास ने साफ कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट वितरण में कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति वफादारी रखने वाले कार्यकर्ताओं को ध्यान में रखा जाएगा. जिसने लोकसभा चुनाव में बगावत की वह पहले पार्टी के लिए काम करे, फिर टिकट की उम्मीद करे.

जल्द फाइनल होंगे टिकट

प्रत्याशियों के चयन को लेकर खाचरियावास ने कहा कि पार्टी के भीतर बातचीत चल रही है और प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश रहेगी. उन्होंने दावा किया कि नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल मजबूत है और पार्टी की स्थिति बेहतर है. जयपुर की जनता से भी कांग्रेस को समर्थन मिलने का भरोसा जताया.

यह भी पढ़ेंः सीएम भजनलाल की अपील- रक्षाबंधन पर भाई-बहन के नाम एक पेड़ लगाएं, इस साल 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य