Rajasthan News: राजस्थान के ऐतिहासिक आमेर महल में उस समय खास रौनक देखने को मिली जब थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नरिरत्ना राजकन्या यहां पहुंची. यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल आमेर महल के भव्य इतिहास स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत ने राजकुमारी को गहराई से प्रभावित किया.
दीवान-ए-आम से शीश महल तक किया विस्तृत भ्रमण
राजकुमारी ने आमेर महल के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का गहन अवलोकन किया. उन्होंने दीवान-ए-आम की ऐतिहासिक गरिमा शीश महल की बारीक कांचकारी और केशर क्यारी की सुव्यवस्थित बागवानी व्यवस्था की विशेष सराहना की. महल की हर संरचना में छिपी कला और इतिहास ने उन्हें आकर्षित किया.
गाइड ने दी कछवाहा राजवंश की जानकारी
भ्रमण के दौरान वरिष्ठ पर्यटक गाइड महेश कुमार शर्मा ने राजकुमारी को आमेर महल का इतिहास कछवाहा राजवंश की परंपराएं और स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी दी. राजकुमारी ने राजपूत काल की वास्तुकला और सांस्कृतिक परंपराओं को बेहद समृद्ध बताया.
जल संरक्षण परंपराओं से हुईं प्रभावित
राजकुमारी ने आमेर महल में प्राचीन जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन प्रणालियों को आज के समय के लिए अत्यंत उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि पारंपरिक भारतीय जल प्रबंधन प्रणालियां पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं और आधुनिक जल संकट के समाधान में सहायक हो सकती हैं.
अरावली की गोद में बसा किला बना आकर्षण का केंद्र
हरियाली से घिरी अरावली पहाड़ियों में स्थित आमेर महल की शिल्पकला और प्राकृतिक सौंदर्य ने राजकुमारी को विशेष रूप से प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि आमेर महल पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है. ऐसे ऐतिहासिक स्थल भारत और थाईलैंड के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करते हैं.
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
राजकुमारी के दौरे के दौरान आमेर महल प्रशासन और स्थानीय पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही. महल परिसर प्रवेश मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी गई. विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे.
पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन
राजकुमारी का यह दौरा राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है. इससे प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान मिलने और पर्यटन संस्कृति व विरासत संरक्षण के नए अवसर खुलने की उम्मीद है.
पर्यटकों को हुई परेशानी
हालांकि राजकुमारी के दौरे के दौरान पर्यटकों को कठिनाई का सामना करना पड़ा. पर्यटकों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के दो से तीन घंटे तक टिकट विंडो बंद रखी गई और महल में प्रवेश पर रोक लगाई गई जिससे देश-विदेश से आए पर्यटक लंबे समय तक परेशान रहे.
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