जयपुर में आयोजित हुआ रंगरीत कला महोत्सव, देशभर के कलाकारों ने दिखाया हुनर

राजस्थान में जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित रंगरीत कला महोत्सव ने भारतीय संस्कृति की झलक पेश की गई. जिसमें उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी शामिल हुईं.

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी.

Rajasthan News: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित रंगरीत कला महोत्सव में शानदार चित्र प्रदर्शनी का दौरा किया. इस प्रदर्शनी में देश के कोने-कोने से आए कलाकारों ने पारंपरिक लघु चित्रकला की खूबसूरती पेश की थी. उपमुख्यमंत्री ने कलाकारों की कला को दिल से सराहा और इसे भारतीय संस्कृति का अनमोल खजाना बताया. 

पारंपरिक कला का अनोखा संगम

यह प्रदर्शनी भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाने का एक खास प्रयास है.यहां दुर्गा सप्तशती, वेद, रामायण और महाभारत जैसे पवित्र ग्रंथों पर बनीं तस्वीरें प्रदर्शित की गईं. इन चित्रों में गोल्ड लीफ, 24 कैरेट सोने का रंग (हिलकारी), खनिज, पत्थर, धातु और रासायनिक रंगों का इस्तेमाल हुआ. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये चित्र देखकर मन को सुकून और प्रेरणा मिलती है. 

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कलाकारों को मिला प्रोत्साहन

देशभर से आए कलाकारों ने अपनी कला से सभी का दिल जीत लिया. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव कलाकारों को नई प्रेरणा देगा और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित करेगा.उन्होंने सभी कलाकारों को बधाई दी और उनके प्रयासों की तारीफ की. 

लाइव प्रदर्शन और कार्यशालाओं का आकर्षण

महोत्सव में लाइव चित्रकला, कार्यशालाएं और संगोष्ठियां भी आयोजित हुईं. इनमें पुरानी चित्रकला शैलियों को जीवंत रखने के साथ-साथ नए कलाकारों को सीखने का मौका मिला.प्रदर्शनी में चित्र बनाने की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी प्रक्रिया को समझने का अवसर भी दिया गया. 

सरकार का कला संरक्षण में योगदान

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पारंपरिक कलाओं और कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं. यह महोत्सव इन प्रयासों को और मजबूत करता है. 

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की बधाई

इस मौके पर दिया कुमारी ने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की प्रेरणा देता है. यह महोत्सव न केवल कला प्रेमियों के लिए बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है जो भारतीय संस्कृति से प्यार करता है.

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