Jaipur News: राजधानी जयपुर के सोडाला इलाके से मानवता की एक ऐसी अनूठी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर तरफ इस परिवार की इलाके में चर्चा हो रही है. यहां रहने वाले सुधीर विश्वनाथन और उनकी बहन ने अपनी मां, सोसम्मा विश्वनाथन की पार्थिव देह को मरने के बाद सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज को दान कर दी उनके इस कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है.
बेटे और बेटी ने मां की देह की दान
एक बेटे और बेटी के लिए इस तरह का कदम उठाना आसाना नहीं होता है. इसके लिए बेहद हिम्मत और धैर्य चाहिए होता है. चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देहदान की पूरी प्रक्रिया बेहद सादगी तरीके से संपन्न की गई. एसएमएस अस्पताल ने इसके लिए सुधीर विश्वनाथन की मां के शरीर को लाने के लिए फूलों से सुसज्जित एक विशेष वाहन भेजक देह को अस्पताल परिसर में लाया गया. इसके साथ ही उनकी मां की स्मृति में अस्पताल प्रशासन के जरिए द्वारा पौधरोपण भी किया गया, जिससे उनकी मां उनके जीवन में सदा बनी रहें.
चिकित्सा अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
सवाईमानसिंह अस्पताल के आयुक्त नरेश गोयल ने बताया कि देहदान से आने वाले चिकित्सकों को मानव शरीर की जटिलताओं को समझने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है, जिससे वह इस बारे में ज्यादा काबिल हो सके और देश में चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिल सकें. उन्होंने कहा कि विश्वनाथन परिवार का यह कदम समाज के लिए एक श्रेष्ठ संदेश है. हम जल्द ही देहदान और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष राज्यव्यापी अभियान शुरू करेंगे.
इनकी रही मौजूदगी
इस कार्य के दौरान सवाईमानसिंह अस्पताल के कई डॉक्टर मौजूद रहे, जिनमें एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी, डॉ. संजय सैनी, डॉ. अजय चमडिया, अतिरिक्त निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता, उद्यमी राजीव अग्रवाल और समाजसेवी कमल संचेती शामिल थे. सभी ने परिवार के इस निस्वार्थ योगदान की सराहना की.
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