खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जयपुर में 43 हजार लीटर से अधिक घी मिलावट के संदेह पर जब्त किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने फर्म पर पहुंचकर जांच की तो पाया की कंपनी फर्म का जो पता खाद्य अनुज्ञा पत्र एवं कार्यालय रिकॉर्ड में है. वह वहां पर नहीं होकर चोरी-छिपे अन्य स्थान से घी का कारोबार कर रही थी. अधिकारियों के अनुसार, यह खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की अवहेलना है.
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि श्याम विहार कॉलोनी स्थित एक फर्म 'भोग विनायक' ब्रांड से घी बनाती है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में इस ब्रांड घी के नमूने जांच रिपोर्ट में 'असुरक्षित' पाए गए थे.
तीन गोदामों पर छापा
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी दल ने मौके पर पाया कि इस संस्थान पर एक अन्य फर्म 'श्री श्याम मिल्क फूड प्रोडक्ट' भी संचालित हो रही है. उन्होंने बताया कि दोनों फर्मों के तीन गोदामों में भोग विनायक ब्रांड का 9,065 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में, हरियाणा क्रीम ब्रांड का 17,741 लीटर एवं नक्ष डेयरी ब्रांड का 16,617 लीटर घी विभिन्न पैकिंग साइज में पाया गया. उन्होंने बताया कि सभी ब्रांड के नमूने लेने के बाद इस 43,421 लीटर घी को मौके पर 'सीज' किया गया.
फर्म के खिलाफ मिली अनियमितता
अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि पूर्व में केंद्रीय प्रयोगशाला जयपुर की रिपोर्ट में भोग विनायक ब्राण्ड घी का नमूना जांच में अनसेफ पाया गया था. इस पर प्रदेशभर में बाजार से इस घी को तत्काल वापस लिए जाने के लिए आदेश जारी किए गए थे. फर्म के खिलाफ मिली अनियमितताओं के दृष्टिगत खाद्य अनुज्ञा पत्र निरस्त किये जाने की कार्रवाई भी की जा रही है.
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