Rajasthan News: जैसलमेर के लिए वो पुरानी कहावत एक बार फिर हकीकत बनने जा रही है- 'घोड़ा कीजै काठ का, पग कीजै पाषाण...'. ऐसा इसलिए क्योंकि 28 मार्च के बाद स्वर्णनगरी का हवाई संपर्क देश के बड़े शहरों से पूरी तरह टूटने वाला है. समर शेड्यूल में किसी भी एयरलाइन ने जैसलमेर को शामिल नहीं किया है, जिसके बाद अब यहां का एयरपोर्ट पूरी तरह शांत रहने वाला है.
6 फ्लाइट्स होंगी बंद, बुकिंग्स कैंसल!
स्वर्णनगरी से फिलहाल दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के लिए कुल 6 नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. 29 मार्च से लागू होने वाले नए शेड्यूल में जैसलमेर का नाम गायब है. एयरलाइंस ने हर साल की तरह तापमान बढ़ने और पर्यटकों की कमी का हवाला दिया है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. वर्तमान में भी इन फ्लाइट्स में 60 से 70 प्रतिशत यात्री भार मिल रहा है.
रिकॉर्ड तोड़ यात्रियों के बाद भी 'कैंची' क्यों?
हैरानी की बात यह है कि विंटर शेड्यूल 2025-26 के दौरान जैसलमेर एयरपोर्ट ने इतिहास रचा है. अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक लगभग 80,000 यात्रियों ने यहां आवाजाही की. मार्च के पहले हफ्ते तक फ्लाइट्स फुल थीं, फिर भी समर सीजन के लिए कनेक्टिविटी का बंद होना समझ से परे है.
वेडिंग और मूवी इंडस्ट्री पर बड़ा प्रहार
जैसलमेर अब केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बन चुका है. यहां होने वाली हाई-प्रोफाइल वेडिंग्स, प्री-वेडिंग शूट्स और बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए हवाई कनेक्टिविटी रीढ़ की हड्डी है. फ्लाइट्स बंद होने से होटल, टैक्सी और गाइड व्यवसाय पर सीधा असर पड़ेगा.
नाइट टूरिज्म का सपना कैसे होगा पूरा?
एक तरफ राजस्थान सरकार समर और नाइट टूरिज्म को प्रमोट करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इंटरनेशनल डेस्टिनेशन की एयर कनेक्टिविटी छीन ली गई है. अब सवाल यह है कि बिना कनेक्टिविटी के सरकार का यह प्रमोशन धरातल पर कैसे उतरेगा?
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