Rajasthan News: राजस्थान के जालोर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. सांगाणा गांव में सामाजिक पंचों ने एक युवक के लीव-इन रिलेशनशिप में रहने के कारण उसके पूरे परिवार को न केवल समाज से बहिष्कृत कर दिया है, बल्कि उन पर 21 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोक दिया है. पीड़ित परिवार अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है.
जानें क्या है पूरा मामला
पीड़ित कमीर खां और लादे खां ने बताया कि उनका भाई शरीफ खां नवंबर 2025 से एक महिला, रोशन बानू के साथ लीव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है. महिला का पूर्व में तलाक हो चुका है और वह अपनी मर्जी से शरीफ के साथ रह रही है. लेकिन, समाज के कुछ स्वयंभू पंचों को यह रिश्ता रास नहीं आया.
पंचों ने सुनाया फरमान
पहले परिवार को चेतावनी दी गई कि महिला को उसके मायके भेज दें, लेकिन ऐसा न होने पर 20 अप्रैल 2026 को बागोड़ा क्षेत्र में एक बैठक बुलाई गई. करीब 50 लोगों की मौजूदगी में पंचायत ने परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और सामाजिक बहिष्कार का तुगलकी फरमान जारी कर दिया. आरोप है कि इस पूरे फैसले का एक लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया है.
मस्जिद और कार्यक्रमों में प्रवेश वर्जित
इस फरमान के बाद पीड़ित परिवार का जीना मुहाल हो गया है. उन्हें गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने से रोका जा रहा है. यही नहीं, सामाजिक कार्यक्रमों में भी उनके आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है. पीड़ित लादे खां का आरोप है कि 6 जून को गांव में हुए एक आयोजन से उन्हें केवल इसलिए अपमानित करके बाहर निकाल दिया गया क्योंकि उनका परिवार समाज से बहिष्कृत है.
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
पीड़ित परिवार का कहना है कि सायला थाने में करीब दो महीने पहले 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. इसके बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. इस सुस्त रवैये से नाराज होकर सोमवार को पीड़ित परिवार ने जालोर एसपी शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया से मुलाकात की. उन्होंने एसपी को अपनी व्यथा सुनाई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ ही सुरक्षा की मांग की है.
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