जालोर में गुप्त MD लैब का भंडाफोड़, 4.910 किलो मेफेड्रोन बरामद; तीन तस्कर गिरफ्तार

राजस्थान में नशे के कारोबार पर बड़ी चोट पड़ी है. जालोर जिले में गुप्त MD लैब पकड़ी गई है. संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में मेफेड्रोन ड्रग और रसायन बरामद हुए हैं. तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

Rajasthan News: राजस्थान में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जोधपुर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स राजस्थान और जालोर पुलिस ने मिलकर एक गुप्त मेफेड्रोन लैब का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में 4.910 किलो अवैध मेफेड्रोन ड्रग बरामद की गई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत

जब्त की गई मेफेड्रोन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके साथ ही मौके से ऐसे रसायन और उपकरण भी मिले हैं जिनसे लगभग 50 किलो MD बनाने की तैयारी चल रही थी. इससे साफ है कि यह नेटवर्क बड़े स्तर पर ड्रग सप्लाई की योजना बना रहा था.

ऑपरेशन प्रयोगशाना की सफलता

यह पूरी कार्रवाई विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई. एनसीबी राजस्थान के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के नेतृत्व में एनसीबी जोधपुर की टीम ने एएनटीएफ राजस्थान और जालोर पुलिस के साथ मिलकर चार फरवरी 2026 को अभियान चलाया. इस मिशन को ऑपरेशन प्रयोगशाना नाम दिया गया था.

अस्थायी लैब से क्या क्या मिला

छापेमारी के दौरान कालबियो का गोलिया खारा थाना कराडा क्षेत्र में एक अस्थायी रासायनिक प्रयोगशाला मिली. यहां से 4.910 किलो मेफेड्रोन चार ड्रम अज्ञात रसायन बड़े बोरोसिल कांच के जार छोटे जार चुंबकीय स्टरर हॉट प्लेट सामान्य स्टरर वजन मशीन रबर पाइप और थर्मामीटर बरामद किए गए.

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तीन आरोपी गिरफ्तार

मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे. वे तैयार ड्रग को अवैध बाजार में सप्लाई करने की फिराक में थे.

NDPS एक्ट में केस दर्ज

इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है. तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

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नशे के खिलाफ सख्त संदेश

एनसीबी और एएनटीएफ अधिकारियों ने साफ कहा है कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत साझा करें. इसके लिए मानस हेल्पलाइन 1933 और एटीएस कंट्रोल रूम नंबर 0141 2601583 जारी किए गए हैं. सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी.

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