Rajasthan News: राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में 19 जनवरी से 23 जनवरी तक ओरल रीडिंग फ्लुएंसी यानी ओआरएफ का आयोजन किया जाएगा. यह मूल्यांकन प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान के अंतर्गत किया जा रहा है. इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ने की क्षमता में हुए सुधार का आकलन करना है.
प्रखर राजस्थान 2.0 से बदली पढ़ाई की तस्वीर
प्रखर राजस्थान 2.0 अभियान के तहत विद्यार्थियों की पठन दक्षता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं. 90 दिनों तक स्कूलों में प्रथम दो कालांशों के दौरान नियमित पठन गतिविधियां करवाई गईं. इन प्रयासों से बच्चों की समझ शक्ति आत्मविश्वास और पढ़ने की गति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है.
ओआरएफ से होगा वास्तविक आकलन
ओआरएफ एक प्रभावी तरीका है जिससे बच्चों की पठन क्षमता को सही रूप में मापा जा सकता है. इसमें बच्चों के उच्चारण पढ़ने की गति और भाव के साथ पाठ पढ़ने की क्षमता का आकलन किया जाता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि बच्चा बिना रुके और सही समझ के साथ पढ़ पा रहा है या नहीं.
शिक्षक करेंगे डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन
ओआरएफ आकलन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी. शिक्षक एप के माध्यम से विद्यार्थियों का मूल्यांकन करेंगे और परिणाम वहीं अपलोड किए जाएंगे. इस प्रक्रिया से समय की बचत होगी और आंकड़े अधिक सटीक मिलेंगे.
एआई से मिलेगी सटीक जानकारी
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के उप निदेशक नादान सिंह गुर्जर ने बताया कि यह राज्य सरकार की अभिनव पहल है. पहली बार एआई तकनीक के जरिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की सटीक जानकारी मिलेगी. इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार कर शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाया जाएगा.
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