झालावाड़ के भालता थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी को अपने विवाह समारोह में तस्करी के आरोपियों की मौजूदगी भारी पड़ गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने कांस्टेबल अशोक विश्नोई को बर्खास्त कर दिया है. नागौर में 2 फरवरी को कांस्टेबल अशोक विश्नोई की शादी थी. शादी समारोह जिले से करीब 500 किलोमीटर दूर था. आरोप है कि 1 और 2 फरवरी को हुए कार्यक्रमों में झालावाड़ एवं सीमावर्ती मध्य प्रदेश के सक्रिय मादक पदार्थ तस्कर के आरोपी शामिल हुए थे.
फोटो और वीडियो वायरल
शादी समारोह के कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया और पुलिस के ग्रुपों में वायरल हो गए थे. इनमें कथित तौर पर कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग दूल्हे के साथ नजर आए, और नोटों की बरसात करते दिखाई दिए. इस घटनाक्रम से पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा.
आधा दर्जन तस्कर के आरोपी शामिल
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शादी में जिले के बड़े मादक पदार्थ तस्कर के आरोपी पप्पू तंवर सहित रमेश तंवर, चैन सिंह, कन्हैया तंवर, मांगीलाल भील, राकेश तंवर, रामगोपाल, दुर्गालाल और रामबाबू रुहेला समेत आधा दर्जन मौजूद थे. समारोह में इनकी सक्रिय भागीदारी और खुलेआम जश्न मनाने के वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया.
"छवि खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई"
एसपी अमित बुडानिया ने कहा कि पुलिस की छवि और साख को धूमिल करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. विभागीय जांच के बाद कांस्टेबल अशोक विश्नोई को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है. अधिकारियों का कहना है कि अनुशासनहीनता और अपराधियों से सांठगांठ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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