रिटायरमेंट के 5 साल बाद घूसखोर आयकर अधिकारी को 3 साल की जेल, 2010 में 1.21 लाख घूस लेते पकड़ाया था

Jodhpur ACB Court: शुक्रवार को जोधपुर एसीबी कोर्ट ने एक रिश्वतखोर अधिकारी को 3 साल की कैद की सजा सुनाई. रिश्वतखोरी का यह मामला 2010 का है. 4 साल बाद आज कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Jodhpur ACB Court: रिटायरमेंट के 5 साल बाद आयकर अधिकारी को रिश्वतखोरी के मामले में एक अधिकारी को 3 साल की सजा सुनाई गई है. मामला जोधपुर का है. जहां जोधपुर की ACB कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में रिटायर इनकम टैक्स अधिकारी को 3 साल की जेल की सजा सुनाई है. जेल की सजा पाने वाले रिटायर अधिकारी की पहचान जोधपुर के तत्कालीन आयकर अधिकारी राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है. राजेंद्र सिंह मूलरूप से जयपुर के गोपालवाड़ी, जगतपुरा इलाके का रहने वाला है. राजेंद्र सिंह 2010 में जोधपुर में आयकर अधिकारी के रूप में तैनात था. तब उसी समय आयकर अधिकारी को 1.21 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया था. 

4 में से दो आरोपी को सजा, दो बरी

बताया गया कि ज्वैलर्स का इनकम टैक्स सर्वे नहीं करने की एवज में राजेंद्र सिंह ने यह रिश्वत ली थी. इस मामले में कोर्ट ने एक अन्य को 3 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. इस केस में कुल 4 आरोपी थे. दो को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है. वहीं 2 अन्य को दोषी करार किया गया है.

Advertisement

2010 में 1.21 लाख रुपए रिश्वत लिया था

रिश्वतखोरी के इस पूरे प्रकरण के बारे में ACB के सहायक निदेशक अभियोजन दिनेश तिवाड़ी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जोधपुर में घोड़ों का चौक स्थित सुदर्शन ज्वैलर्स के मालिक ओमप्रकाश सोनी, मानकचंद और घनश्याम सोनी ने ACB में 31 मार्च 2010 में तत्कालीन इनकम टैक्स इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह सिसोदिया के खिलाफ शिकायत दी थी. 

इन लोगों ने शिकायत में बताया कि राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने उनकी दुकान का आयकर सर्वे नहीं करने की एवज में 2 लाख की रिश्वत मांगी थी. 1 लाख 21 हजार रुपए में डील तय हुई थी. शिकायत के अगले दिन (1 अप्रैल 2010) को घोड़ों का चौक में अशोका ज्वेलर्स में विजय सोनी को रुपए दिए गए. विजय के पास प्रकाश सोनी पैसे लेने पहुंचा.

2019 में किया था रिटायर

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार आयकर अधिकारी राजेंद्र सिंह को केंद्र सरकार ने 2019 में रिटायर कर दिया था. अब रिटायरमेंट के 5 साल बाद उसे तीन साल की सजा सुनाई गई है. जोधपुर में साल 2010 में आयकर अधिकारी TDS द्वितीय के पद पर कार्यरत रहा. वकील ने बताया कि अब फैसले के खिलाफ सिसोदिया एक माह तक हाईकोर्ट में सजा स्थगन की अपील कर सकता है. सजा स्थगन नहीं होने की स्थिति में उसे जेल जाना पड़ेगा.

यह भी पढ़ें - IAS राजेंद्र विजय के घर से ACB को क्या-क्या मिला, 16 बैंक अकाउंट और लॉकर खंगालना अभी है बाकी