पीएम नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई को जिस नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया था. वह अब यात्रियों के लिए पूरी तरह खुल गया है. कुछ तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के चलते संचालन में आठ दिन की देरी हुई, लेकिन रविवार सुबह 8:45 बजे बेंगलुरु से आई पहली फ्लाइट के साथ नए टर्मिनल ने अपनी नियमित शुरुआत कर दी. इसके बाद सुबह 9:20 बजे पहली उड़ान बेंगलुरु के लिए रवाना हुई. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पहले यात्रियों का स्वागत किया, टिकट भेंट किया और केक काटकर इस ऐतिहासिक शुरुआत का जश्न मनाया.
लंबी दूरी की उड़ानों का खुलेगा रास्ता
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज जोधपुर के लिए ऐतिहासिक दिन है. 12 जुलाई से नियमित विमान सेवाओं का संचालन शुरू हो गया है. शेखावत ने बताया कि वर्ष 2014 की तुलना में जोधपुर एयरपोर्ट से यात्रियों और उड़ानों की संख्या करीब दस गुना बढ़ चुकी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बढ़ते विमान बेड़े और बढ़ती मांग के साथ भविष्य में जोधपुर से लंबी दूरी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का भी रास्ता खुलेगा. भविष्य में बहुत कम बदलाव के साथ इस टर्मिनल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के टर्मिनल में विकसित किया जा सकेगा.
480 करोड़ की लागत से बना है नया टर्मिनल
करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बना यह नया टर्मिनल 37 एकड़ क्षेत्र में फैला है और पुराने टर्मिनल से छह गुना बड़ा है. 24 हजार वर्गमीटर में बने इस भवन में 8 गेट, 6 एरोब्रिज, 20 चेक-इन काउंटर, 3 कन्वेयर बेल्ट, 5 लिफ्ट, एस्केलेटर और चार्जिंग पॉइंट के साथ 240 सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. एयरपोर्ट डायरेक्टर मनोज उनियाल ने बताया कि एयर इंडिया और इंडिगो के अलावा अन्य एयरलाइंस को भी जोधपुर से नई उड़ानें शुरू करने के लिए पत्र भेजे गए हैं, जिससे आने वाले समय में एयर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

गहलोत के हालिया बयान पर शेखावत का जवाब
पहले दिन नए टर्मिनल से यात्रा करने वाले यात्री भी इसकी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं से बेहद प्रभावित नजर आए. यात्रियों ने कहा कि अब जोधपुर एयरपोर्ट किसी बड़े महानगर के एयरपोर्ट से कम नहीं लगता और इससे पर्यटन, व्यापार और शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान पर भी जवाब दिया. शेखावत ने कहा कि कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री यह पूछ रहे थे कि 12 वर्षों में सांसद ने क्या काम किया.

उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत को उनके लोगों के ही काम नही दिखते उन्हें ही वो नाकारा निक्कमा बोलते हैं तो उन्हें हमारे द्वारा किया गया कार्य कैसे दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि अब जब अशोक गहलोत हवाई जहाज से जोधपुर आएंगे तो उन्हें नया एयरपोर्ट दिखाई देगा और उन्हें स्वयं विकास कार्य नजर आएंगे. अब नया एयरपोर्ट, नई सड़कें, रेलवे स्टेशन और अन्य विकास कार्य देखकर खुद जवाब पा जाएंगे.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अशोक गहलोत जोधपुर की शान हैं और वे उनके प्रति किसी भी तरह की असम्मानजनक टिप्पणी नहीं करना चाहते. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बना यह अत्याधुनिक टर्मिनल सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं ही नहीं देगा, बल्कि जोधपुर को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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