Jojari river pollution: जोधपुर में जोजरी नदी के प्रदूषण मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. जोधपुर-बाड़मेर हाईवे के पास 35 बीघा क्षेत्र में अवैध फैक्ट्री के खिलाफ 15 जेसीबी चलीं. कार्रवाई के दौरान 125 पुलिसकर्मी मौजूद रहे. भारी पुलिस जाब्ते के अवावा जोधपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी पहुंचे. फैक्ट्री में मौजूद करोड़ों रुपयों की मशीनों को भी जब्त किया जा रहा है. जोजरी नदी मामले में पहली बार ऐसा एक्शन देखने को मिला है. संभावना है कि यह कार्रवाई अगले 8 दिन तक चल सकती है.

प्रदूषित पानी से कई गांवों की जमीन बंजर
जोजरी नदी 83 किलोमीटर लंबी मौसमी नदी है. नागौर जिले के पूंदलू गांव से उद्गम के बाद पहाड़ियों से बहती हुई खेड़ालदा खुर्द (जोधपुर) के पास लूणी नदी में मिलती है. लेकिन लूणी की इस सहायक नदी में लगातार गंदा और तेजाबी जहरीला पानी आ रहा है और इसी वजह से लूणी तहसील के कई गांवों की ज़मीन बंजर हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट भी लगा चुका है फटकार
प्रदूषित पानी से जोधपुर, पाली और बालोतरा के करीब 20 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं. वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी संज्ञान ले चुका है. कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए इसे राज्य सरकार की विफलता बताया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषित पानी अभी भी नदियों में जा रहा है. वर्षों से मामले में संज्ञान लेने के बावजूद जमीनी हालात बदतर होते जा रहे हैं.
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