Makar Sankranti 2026: देशभर में आज यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन साल 2026 की यह संक्रांति ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास बन गई है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, पूरे 23 साल बाद मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का एक ही दिन पड़ने से एक दुर्लभ संयोग बना है. इससे पहले ऐसा शुभ योग साल 2003 में देखने को मिला था. इस अक्षय फल देने वाले दिन पर जहां आसमान पतंगों से सटा है, वहीं मंदिरों में आस्था का ज्वार उमड़ रहा है. सीकर के खाटूश्याम में भक्त इस महासंयोग के अवसर पर लाखों की भीड़ उमड़ी है.
अक्षय फल देने वाला दिन
पंडितों के अनुसार, आज शाम 05:52 मिनट तक एकादशी तिथि रहेगी. इस विशेष दिन पर वृद्धि योग, लाभ दृष्टि योग और शुक्रादित्य योग का त्रिवेणी संगम बना हुआ है. माना जा रहा है कि आज के दिन किया गया स्नान, दान और तर्पण कई गुना अधिक पुण्य फल प्रदान करेगा. मकर संक्राति और एकादशी एक दिन होने के कारण इसे अक्षय फल देने वाला दिन भी माना जा रहा है.
खाटू श्याम जी में उमड़ी 'लक्खी' भीड़
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम जी में कल यानी मंगलवार सुबह से ही श्याम भक्तों का तांता लगा हुआ है. यूपी, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और पश्चिम बंगाल जैसे दूर-दराज के राज्यों से लाखों श्रद्धालु 'हारे के सहारे' के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. साथ ही दर्शन कर भक्त बाबा श्याम से मनौतियां मांग रहे हैं, वहीं दान पुण्य का दौर भी लगातार जारी है. लोग गौशालाओं में गायों को गुड और हरा चारा खिला रहे हैं.
शेखावाटी के आसमान में 'वो काटा' का शोर
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सीकर, जयपुर और पूरे शेखावाटी क्षेत्र में पतंगबाजी का जुनून सिर चढ़कर बोल रहा है, सुबह से ही बच्चे, युवा और महिलाएं छतों पर डट गए हैं. डीजे की धुन और 'वो मारा-वो काटा' के शोर से पूरी घाटी गूंज उठी है.रंग-बिरंगी पतंगों से ढका आसमान आज उत्सव के उल्लास को बयां कर रहा है.
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