विज्ञापन
This Article is From Aug 29, 2025

किरोड़ी ने हनुमान बेनीवाल से मांगी माफी, फिर उठाया RAS फर्जीवाड़ा का मुद्दा...कहा- नौकरी से हटाओ

SI Paper Leak 2021: किरोड़ी लाल मीणा ने यह भी कहा कि नकली खाद-बीज फैक्ट्री पर कार्रवाई के बाद कई जाट नेताओं ने उनका समर्थन किया था. वहीं मीणा समाज के कई युवा बेनीवाल का भी स्वागत करते हैं.

किरोड़ी ने हनुमान बेनीवाल से मांगी माफी, फिर उठाया RAS फर्जीवाड़ा का मुद्दा...कहा- नौकरी से हटाओ
किरोड़ी लाल मीणा

Kirodi Lal Meena: कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने एसआई भर्ती रद्द होने के बाद अब राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में फर्जीवाड़ा करके चयनित अधिकारियों की नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों को तुरंत नौकरी से निकाले. डॉ. किरोड़ी ने दावा किया कि उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के तीन पूर्व अध्यक्षों और तीन सदस्यों के खिलाफ सबूत दिए थे और इन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

उन्होंने सरकार से अपील की कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील में न जाए. जयपुर के दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि मंत्री बनते ही उन्होंने एसआई भर्ती रद्द करने की मांग रखी थी. साथ ही नकली खाद और बीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है.

''यह दुख कई दिनों तक नहीं मिटेगा''

हनुमान बेनीवाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि वे भ्रष्टाचार नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बेनीवाल के गंभीर आरोपों से वे आहत हुए हैं और यह दुख कई दिनों तक नहीं मिटेगा.

किरोड़ी ने कहा कि बेनीवाल उनके नजदीक से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब ऐसे आरोप लगाना उन्हें परेशान करता है. उनकी बात से हनुमान आहत हुए तो वे माफ़ी मांगते हैं.

''पांच साल तक गहलोत सरकार के खिलाफ लड़े रहे''

बेनीवाल के आरोपों पर उन्होंने कहा कि लेकिन वे चरित्र से मजबूत हैं और मूल्य आधारित राजनीति करते हैं. गहलोत से 200 करोड़ लेने के बेनीवाल के आरोप पर किरोड़ी ने कहा कि वे पांच साल तक गहलोत सरकार के खिलाफ लड़े रहे और उनसे मुलाकात तक नहीं की. जनता खुद फैसला करेगी.

किरोड़ी ने यह भी कहा कि नकली खाद-बीज फैक्ट्री पर कार्रवाई के बाद कई जाट नेताओं ने उनका समर्थन किया था. वहीं मीणा समाज के कई युवा बेनीवाल का भी स्वागत करते हैं.

''आंदोलन की शुरुआत मैंने की थी''

एसआई भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत उन्होंने की थी और इस मुद्दे से उनका भावनात्मक जुड़ाव है. वे सब-कमेटी में सदस्य नहीं थे इसलिए रिपोर्ट की जानकारी नहीं है लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय यही है कि परीक्षा रद्द होना सही कदम है. उन्होंने आगे कहा कि अब वे एसओजी को नए तथ्य देंगे जिससे कुछ बड़े मगरमच्छ पकड़े जाएंगे.

उन्होंने आरोप लगाया कि एसओजी के कुछ अधिकारी निर्दोषों को फंसा रहे थे और दोषियों को बचा रहे थे. इनमें से एक अधिकारी मोहनलाल पोसवाल को केवल बारां ट्रांसफर किया गया जिसे वे पर्याप्त कार्रवाई नहीं मानते.

यह भी पढ़ें- सरकार के फैसले से जाएगी फर्जी दिव्यांग कर्मचारियों की नौकरी, फिर होगी सभी दिव्यांग सर्टिफिकेट की जांच

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close