कोटा के चर्चित चन्द्रसल मठ में महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. जिस पुजारी पर शुरू से शक था लेकिन सबूत नहीं थे, वही अब हत्या की साजिश में शामिल पाया गया है. इस पुजारी ने पिछले सप्ताह NDTV को एक इंटरव्यू दिया था और कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए थे. लेकिन इसके दो दिन बाद ही पुलिस ने मठ के पुजारी नंदनवन और गार्ड महावीर पारेता को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला अब सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि अंदरूनी साजिश का रूप लेता दिखाई दे रहा है. कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अद्वितीय और अंकित से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए. पूछताछ में सामने आया कि वारदात से पहले वकील संतोष राय ने आरोपियों की मुलाकात पुजारी नंदनवन से करवाई थी.
पुजारी को थी साजिश की जानकारी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नंदनवन को पहले से जानकारी थी कि कुछ लोग मठ में आने वाले हैं. उसे यह भी कहा गया था कि वारदात के दौरान उसके कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी जाएगी. आरोपियों के अनुसार नंदनवन को यह बताया गया था कि वे सिर्फ महंत को डराने-धमकाने आएंगे, लेकिन घटनाक्रम हत्या तक पहुंच गया. इसी खुलासे के बाद पुलिस ने नंदनवन को दोबारा गिरफ्तार कर लिया.
महंत की 5 जून को मठ में ही चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी
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हिरासत, रिहाई, अब दोबारा गिरफ्तारी
5 जून को हत्या के बाद पुलिस ने पुजारी नंदनवन को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी. करीब छह दिन तक पूछताछ के बावजूद उसके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया था,, लेकिन जैसे ही मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े और पूछताछ शुरू हुई, नंदनवन की भूमिका उजागर हो गई. पुलिस का मानना है कि उसने शुरुआती पूछताछ के दौरान कई तथ्यों को छिपाया और जांच को गुमराह करने का प्रयास किया.
गार्ड महावीर भी जानता था पूरा प्लान
जांच में यह भी सामने आया है कि जब संतोष राय कथित तौर पर आरोपियों को मठ की रेकी कराने लेकर आया था, उस समय गार्ड महावीर पारेता भी वहां मौजूद था. पुलिस के अनुसार महावीर को वारदात की साजिश और आने वाले लोगों की जानकारी थी, लेकिन उसने न तो इसकी सूचना दी और न ही किसी को सतर्क किया. इसी आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि वारदात के बाद यही महावीर मीडिया और लोगों से कह रहा था कि उसे मठ में ड्यूटी करने में डर लग रहा है. अब उसकी गिरफ्तारी ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस ने बताया है कि अभी इस हत्याकांड में कुछ और लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है
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मठ और ट्रस्ट से जुड़े और नाम आ सकते हैं सामने
हत्या के बाद से अब तक हुई गिरफ्तारियों और लगातार हो रहे खुलासों ने संकेत दिए हैं कि साजिश की परतें अभी और खुल सकती हैं. पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है. सूत्रों का मानना है कि मठ और ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. ऐसे में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
खुलती जा रही है साजिश की परतें
महंत देवानंद महाराज की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था. लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होता जा रहा है कि वारदात कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश रची गई थी. सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि आखिर इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड वकील संतोष राय के अलावा मठ से जुड़े कितने लोग इसके बारे में पहले से जानते थे ? कोटा पुलिस की जांच फिलहाल इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है.
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