Rajasthan News: राजस्थान के कोटा शहर में 1300 साल पुराने चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस जघन्य हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि एक वकील निकला है. पुलिस की कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के बाद इस साजिश का पर्दाफाश हुआ है.
जमीन पर थी वकील की बुरी नजर
जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात के पीछे मुख्य आरोपी वकील संतोष राय का हाथ है. आरोपी की नजर मठ की बेशकीमती जमीन पर थी. वह किसी भी तरह इस जमीन को हथियाकर मोटी कमाई करना चाहता था. महंत के रास्ते से हटते ही उसकी मंशा पूरी होने वाली थी. इसी लालच में उसने सुपारी किलर को काम पर रखा और महंत को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. घटना के बाद आरोपी फरार होकर जयपुर भाग गए थे, लेकिन पुलिस की कई टीमें लगातार उनका पीछा कर रही थीं. अंततः पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता वकील समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
सोते हुए महंत पर किया था बर्बर हमला
यह घटना बीते शुक्रवार 5 जून की है, जब बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित मठ में महंत देवानंद महाराज अपने कमरे में सो रहे थे. अपराधियों ने उसी दौरान अंदर घुसकर चाकूओं से गोदकर उनकी हत्या कर दी. इस बेरहम घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था. घटना के बाद हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था.
पूरे इलाके में शोक की लहर
मूल रूप से सवाई माधोपुर के राजमना गांव के निवासी महंत देवानंद महाराज की अंतिम विदाई में भारी जनसैलाब उमड़ा. ढूंढा गांव से निकली उनकी शवयात्रा और चाणक्य दह आश्रम में हुए अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम थी. संत समाज और ग्रामीण इस निर्मम हत्या से बेहद आक्रोशित हैं. पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और इस अपराध में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है.
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