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कोटा महंत हत्याकांड सुलझाने वाले 2 कांस्टेबल को मिलेगा गैलेंट्री अवार्ड, 6 दिन के भीतर ही सुलझा दिया केस

कोटा में 5 जून देर रात महंत देवानंद की हत्या कर दी गई थी. हाई-प्रोफाइल केस पुलिस के लिए भी चुनौती बना हुआ था. करीब 6 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची.

कोटा महंत हत्याकांड सुलझाने वाले 2 कांस्टेबल को मिलेगा गैलेंट्री अवार्ड, 6 दिन के भीतर ही सुलझा दिया केस
केस सुलझाने में कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह और सुनील चंदेल की भूमिका अहम रही.

कोटा चंदसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है. राजस्थान के बाहर का भी कनेक्शन, सैकड़ों संदिग्धों की पड़ताल और तकनीकी विश्लेषण के बाद ब्लाइंड मर्डर केस का मास्टरमाइंड पकड़ में आ गया. पुलिस ने कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दावा है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस के लिए मामले को सुलझाना आसान नहीं था. घटनास्थल पर कोई स्पष्ट सुराग नहीं था. वारदात को बेहद ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया था. ऐसे में  गौतम के नेतृत्व में गठित एसआईटी, साइबर सेल, डीएसटी और अन्य टीमों ने दिन-रात मेहनत कर मामले की परतें खोलीं और आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.

दोनों पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान

पूरे ऑपरेशन में साइबर सेल के कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह और कांस्टेबल सुनील चंदेल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दोनों ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रेल और संदिग्धों की पहचान व ट्रेसिंग में निर्णायक योगदान दिया. एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस की टीमों ने सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की इनपुट्स के आधार पर जांच सही दिशा में आगे बढ़ी और आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ. दोनों पुलिसकर्मियों के नाम गैलेंट्री अवार्ड के लिए पुलिस मुख्यालय भेजे जाने की तैयारी है.

जांच में खुलासा हुआ कि मठ की जमीन के लिए हत्या की गई.

केस सॉल्व करने में कांस्टेबल सुनील चंदेल और कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह की अहम भूमिका रही.

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी संतोष कुमार राय (52) और कोटा के आरकेपुरम का रहने वाला निवासी पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस (20) गिरफ्त में हैं. संतोष कुमार राय को मामले का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है. कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, संदिग्धों की गतिविधियां, डिजिटल डेटा और विभिन्न राज्यों में फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए जांच आगे बढ़ी. एसआईटी, साइबर सेल और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई ने हर कड़ी को जोड़ा और आरोपियों तक पहुंची. 

इन टीमों ने मिलकर सुलझाई मर्डर मिस्ट्री

मामले की जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाषचंद्र मिश्रा, मुकेश सांखला, सीओ रुद्रप्रकाश शर्मा, मनीष शर्मा, योगेश शर्मा सहित एसआईटी के कई अधिकारियों ने भूमिका निभाई. इसके अलावा साइबर सेल, डीएसटी, एजीटीएफ और जिला पुलिस की अलग-अलग टीमों ने समन्वय के साथ काम करते हुए इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा किया.

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