कोटा के रामगंज मंडी में बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री श्रीराम कथा करने पहुंचे. इस दौरान उनकी एक तस्वीर सामने आई, जिसकी काफी चर्चा है. वचन की पालना करते हुए क्षेत्र की दो बहनों भावना राठौड़ और खुशबू राठौड़ के घर देर रात चाय पीने पहुंचे. शनिवार (24 जनवरी) को इन दोनों बहनों ने कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधी थी. राखी बांधने के बाद आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए. धीरेंद्र शास्त्री ने भी दोनों बहनों को वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में हैं तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे. इसी वादे को निभाने के लिए आचार्य धीरेंद्र शास्त्री बहनों के घर पहुंचे.
शिक्षा मंत्री के घर भी पहुंचे
धीरेंद्र शास्त्री शिक्षा एवं पंचायती राजमंत्री मदन दिलावर के घर भी पहुंचे. इसके बाद रामगंज मंडी लौटकर देर रात 12 बजे खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे. मुलाकात के बाद भावना ने कहा, "मुझे विश्वास था कि मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे. अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे. उन दोनों बहनों के कोई भाई नहीं हैं. इसी वजह से धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी. उन्होंने कई बार प्रयास किया, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो उन्होंने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी करके ही रहेंगी."

पिता ने कई बार समझाया- यह संभव नहीं
दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौड़ और माता हेमलता राठौड़ ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी, लेकिन उनको विश्वास नहीं होता था. कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है. लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं हमारे घर पधारे हैं."
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सर पर हाथ फेरते हुए कहा कि आज से हम तुम्हारे भाई हैं. भाई की कमी कभी महसूस मत करना. घर से विदा होने से पहले अपनी दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया.
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