झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र में कड़ाके की ठंस से सुबह खेतों में खड़ी फसलों पर बर्फ जमी. पाले की मार से क्षेत्र के किसानों की सब्जी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. खासकर बैंगन, टमाटर, मिर् समेत कई फसलें अधिक प्रभावित हुई हैं. सुबह के समय खेतों के साथ-साथ पक्षियों के परिंडों में भी बर्फ जमी दिखाई दी, जिससे क्षेत्र में शीतलहर की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है. मावठा गिरने के बाद चली सर्द हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट आई, जिससे खेतों में पाला जम गया. क्षेत्र के दुर्जनपुरा गांव के किसान राकेश सैनी ने बताया कि पाले के कारण उनकी टमाटर और तोरई की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.
किसान ने की मुआवजे की मांग
बर्फ जमने से फसलें झुलस गईं और उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है. कई खेतों में तो फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. मौसम की इस मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का शीघ्र सर्वे कर मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें हुए आर्थिक नुकसान से कुछ राहत मिल सके.
सरसों की फसल पर खतरा मंडराया
श्रीगंगानगर में भी कुछ ऐसा ही हाल है. जिले के सादुलशहर क्षेत्र में शुक्रवार को हल्की बरसात के बाद सर्द हवाओं के दौर से पारा गिर गया. शनिवार (24 जनवरी) सुबह पूरे इलाके में ठंड का कहर जारी है. खेतों के चारों ओर बर्फीली सफेद चादर नजर आई. इससे सरसों की फसल को नुकसान होने का खतरा मंडराने लगा है. क्षेत्र के किसान शिव प्रकाश सहारण ने बताया कि सुबह के समय खेतों में फसलों पर बर्फ का जमाव साफ दिखाई दे रहा था.
किसानों को सताने लगी चिंता
वहीं, बगीचों में लगी ड्रिप संयत्र की पाइपों, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के साथ-साथ सोलर पैनल पर भी बर्फीली चद्दर दिखाई दे रही थी. सहारण ने चिंता जताई कि अगर इसी तरह सर्दी का जमाव अगले 2-3 दिन जारी रहा तो सरसों की फसल के उत्पादन और गुणवत्ता को भारी नुकसान होना तय है.
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