Rajasthan News: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र के मोरोड़ी गांव के रहने वाले सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर मोहर सिंह गुर्जर का छत्तीसगढ़ में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई. शनिवार को उनका पार्थिव शरीर जब पैतृक गांव मोरोड़ी पहुंचा तो पूरे गांव में गमगीन माहौल हो गया. परिजन और ग्रामीण भावुक हो उठे. इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
196वीं बटालियन में थे तैनात
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय मोहर सिंह गुर्जर पुत्र मूलाराम गुर्जर छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन में तैनात थे. गुरुवार देर शाम ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया. यूनिट में उनके साथियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम सम्मान दिया.

साथी कॉन्स्टेबल जयदीप यादव निवासी सैद अलीपुर नागल चौधरी ने बताया कि वे दोनों 8 मार्च को करीब 20 दिन की छुट्टी बिताने के बाद एक साथ ड्यूटी पर लौटे थे. गुरुवार शाम अचानक मोहर सिंह की तबीयत खराब हुई और कुछ ही देर में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया.
4 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने करीब चार किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. देशभक्ति गीतों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने “जब तक सूरज चांद रहेगा मोहर सिंह तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों के साथ भावभीनी विदाई दी.

परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां
पूर्व सरपंच धर्मवीर रावत ने बताया कि मोहर सिंह के परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं. तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है. छोटा बेटा सेना में देश सेवा कर रहा है जबकि बड़ा बेटा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है.
हरसौरा के नायब तहसीलदार पवनेश शर्मा ने बताया कि मोहर सिंह का पार्थिव शरीर छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया. इसके बाद सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव मोरोड़ी पहुंचाया गया जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

यह भी पढ़ें- एलपीजी के मुद्दे पर टीकाराम जूली का जुबानी हमला, बोले- कांग्रेस से लड़ने की बजाय मुद्दों पर ध्यान दे बीजेपी