Rajasthan News: जोधपुर की साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा किया है. वहीं पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम द्वारा की गई, जिसमें सामने आया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में फर्दीन खान, देव कंडारा, रोहित पंडित और हिमांशु यादव शामिल हैं.
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने-अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी के लिए किया. फर्दीन खान के खाते में लगभग 33 लाख रुपये, देव कंडारा के खाते में 14.50 लाख रुपये और हिमांशु यादव के खाते में करीब 19 लाख रुपये की ठगी की राशि जमा हुई थी.
15 से 20 हजार रुपये देते थे कमीशन का लालच
जांच में यह भी सामने आया कि देव कंडारा ने अपना बैंक खाता रोहित पंडित को साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराया था. इसके बाद पुलिस ने रोहित पंडित को भी गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 15 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था. पुलिस ने बताया कि यह गिरोह मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेता था. इसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपये तक का कमीशन दिया जाता था.
इसके बाद आरोपी उन खातों से एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक पासबुक अपने कब्जे में लेकर ठगी की रकम निकाल लेते थे. कई मामलों में खाताधारकों को फर्जी नाम और मोबाइल नंबर देकर भ्रमित किया जाता था. इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है.
सहयोगियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है और संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें. ऐसा करने पर वे स्वयं भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं.
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