Rajasthan News: राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिले का मेवात इलाका लंबे समय से ऑनलाइन ठगी के मामलों को लेकर बदनाम रहा है. देश के अलग अलग राज्यों की पुलिस यहां आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार पहुंचती है. ठगी के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए अब अलवर पुलिस ने मोबाइल सिम कार्ड और फोन के आईएमईआई नंबर ब्लॉक करने की विशेष मुहिम शुरू की है. इस अभियान में अलवर पुलिस पूरे देश में सबसे आगे रही है.
एक साल में हजारों नंबर बंद
अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक पुलिस ने 5034 आईएमईआई नंबर ब्लॉक करवाए हैं. इसी अवधि में 82 हजार 769 सिम कार्ड भी बंद करवाए गए. अगर साल 2023 से अब तक का आंकड़ा देखें तो कुल 1 लाख 90 हजार 51 सिम और आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं. पुलिस का कहना है कि इन नंबरों का इस्तेमाल लोगों को कॉल कर ठगी करने में किया जाता था.
दूसरे राज्यों से आते हैं सिम
जांच में सामने आया कि मेवात क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड दूर दराज राज्यों से लाए जाते हैं. ट्रक चालकों की मदद से आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल उड़ीसा असम मेघालय और कर्नाटक जैसे राज्यों से सिम कार्ड यहां पहुंचाए जाते हैं और फिर साइबर ठगों को दिए जाते हैं. इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने नंबर बंद करवाने की कार्रवाई तेज कर दी है.
संयुक्त टीम कर रही कार्रवाई
ऑनलाइन ठगी के मामलों को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान हरियाणा दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों को जोड़कर एक संयुक्त टीम बनाई है. अलग अलग राज्यों की पुलिस टीमें भी अलवर पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार करती हैं. स्थानीय पुलिस इन मामलों में सहयोग कर आरोपियों को संबंधित राज्यों की पुलिस के हवाले करती है.
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही तुरंत कदम उठाए जाते हैं. 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज होते ही जिस नंबर से कॉल की गई होती है उसे और मोबाइल के आईएमईआई को तत्काल ब्लॉक कर दिया जाता है. पुलिस का दावा है कि इस सख्त कार्रवाई से साइबर ठगी की घटनाओं में कमी आने लगी है.
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