भरतपुर/डीग: अजमेर सेंट्रल जेल में धौलपुर के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट के गांव अजान में सन्नाटा पसरा है. NDTV राजस्थान की टीम जब अजान गांव पहुंची तो विष्णु के घर पर ताला लगा मिला. माता-पिता और भाई देर रात ही घर छोड़कर चले गए. चाचा-ताऊ घर पर थे, लेकिन कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया.
गांव में छाया सन्नाटा
गांव में अजीब सा मातम छाया है. गलियों में सन्नाटा है. घरों के बाहर बैठे लोग कैमरा को देखते ही अंदर चले गए. 2-3 जगह ग्रामीण आपस में चर्चा करते दिखे, लेकिन कैमरा देखते ही खिसक लिए. बताया गया कि देर रात गांव में पुलिस भी आई थी, जो सुबह लौट गई.
मजदूरी करता है विष्णु का परिवार
एक ग्रामीण ने ऑफ कैमरा बताया कि विष्णु की आर्थिक हालत ठीक नहीं है. परिवार मजदूरी कर पेट पालता है. विष्णु पहले गांव में छोटी-मोटी चोरी करता था, फिर बाइक-कार चोरी करने लगा. इसी मामले में सेवर सेंट्रल जेल गया. वहां उसकी मुलाकात कृपाल हत्याकांड से जुड़े लोगों से हुई. कृपाल जघीना कुलदीप जघीना का चाचा था.
गैंगस्टर कुलदीप के हत्या में गया जेल
विष्णु जेल से बाहर आया और जयपुर-आगरा हाईवे पर अमोली टोल के पास रोडवेज बस में गैंगस्टर कुलदीप जघीना की हत्या कर दी. आरोप है कि सबसे पहले गोली विष्णु ने ही चलाई थी. उसके बाद वह अजमेर जेल में बंद था, जहां जगन गुर्जर के साथ ही रह रहा था. रविवार को जगन गुर्जर की जेल में हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप विष्णु पर है.
ग्रामीण ने कहा कि उम्र कम है, 23-24 साल का है. नया-नया शौक और हवाबाजी के चक्कर में ये सब कर रहा है. घटना के बाद से परिवार में भय है . पूरे गांव में दहशत का माहौल है. कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं.
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