Paleolithic Age Weapon: झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र में चल रहे पुरातत्व सर्वेक्षण ने इतिहास की नई परतें उजागर कर दी हैं. खेतड़ी कस्बे के नजदीक त्योंदा गांव स्थित ‘रीढ़ का टीला' क्षेत्र में खुदाई के दौरान पुरापाषाण काल के पत्थर के औजार मिलने से यह संकेत मिले हैं कि हजारों नहीं बल्कि लाखों वर्ष पहले भी इस क्षेत्र में आदिमानव का निवास रहा होगा. इससे पहले यहां करीब एक हजार वर्ष पुराने मंदिर के अवशेष मिलने के बाद शुरू हुई जांच में अब मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन चरण के प्रमाण सामने आने लगे हैं.
जानवरों के खाल उतारने से लेकर हैमर स्टोन जैसे औजार
खुदाई और सर्वेक्षण के दौरान रीढ़ का टीला क्षेत्र और इसके पास बहने वाली दोहान नदी के किनारे पत्थर के कई प्रकार के औजार मिले हैं. इनमें पेड़ों की छाल और जानवरों की खाल उतारने वाले औजार, पेड़ काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार तथा हैमर स्टोन जैसे उपकरण शामिल हैं. इन औजारों का संबंध पुरापाषाण काल से माना जा रहा है, जो लगभग पाँच लाख वर्ष पूर्व से लेकर 10 हजार ईसा पूर्व तक का काल माना जाता है.
औजार बनाने का केंद्र
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि इस क्षेत्र में केवल औजार ही नहीं मिले, बल्कि उनके निर्माण से जुड़ा कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में पाया गया है. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां प्राचीन काल में औजार बनाने का केंद्र या एक प्रकार की “फैक्ट्री साइट” मौजूद रही होगी. जहां पत्थरों को तराशकर विभिन्न उपकरण तैयार किए जाते थे.
भौगोलिक स्थिति औजार मिलने का कारण
विशेषज्ञों के अनुसार पुरापाषाण काल में मानव मुख्य रूप से शिकारी और संग्रहकर्ता था. उस समय लोग जंगलों और नदियों के किनारे गुफाओं में निवास करते थे तथा भोजन के लिए शिकार और वनस्पतियों पर निर्भर रहते थे. जीवन को आसान बनाने के लिए उन्होंने पत्थरों को तोड़कर औजार बनाना शुरू किया, जिससे शिकार करना, लकड़ी काटना और जानवरों की खाल उतारना संभव हो सका।खेतड़ी क्षेत्र में ऐसे औजार मिलने का एक बड़ा कारण यहां की भौगोलिक स्थिति भी मानी जा रही है. खेतड़ी की पहाड़ियों में क्वार्टजाइट जैसे कठोर पत्थर बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे औजार बनाना आसान होता था. साथ ही दोहान नदी के कारण प्राचीन मानव को पानी और रहने के लिए अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध रहा होगा.
त्योदा गांव में मिले इन प्राचीन औजारों से यह संकेत मिलता है कि झुंझुनूं क्षेत्र मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास का भी साक्षी रहा है. पुरातात्विक दृष्टि से यह खोज क्षेत्र के इतिहास को और अधिक प्राचीन तथा महत्वपूर्ण साबित कर सकती है.
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