बांसवाड़ा के पटवारी ने MP में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- महिला अधिकारी क्वार्टर पर करवाती है गलत काम

मध्य प्रदेश के रतलाम में राजस्व विभाग में बांसवाड़ा के रहने वाले पटवारी रविशंकर खराड़ी ने आत्महत्या कर ली है. मरने से पहले सुसाइड नोट लिखकर महिला अधिकारी पर आरोप लगाए हैं. (कौस्तुभ पंड्या की रिपोर्ट)

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बासवाड़ा के पटवारी ने एमपी में की आत्महत्या

Rajasthan News: बांसवाड़ा जिले के रहने वाले पटवारी ने मध्य प्रदेश में आत्महत्या कर ली. इस घटना से न केवल परिवार बल्कि मध्य प्रदेश के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है. क्योंकि मृतक पटवारी ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने विभाग के अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि पटवारी ने महिला अधिकारी पर प्रताड़ना का आरोप लगाए हैं. अब इस मामले में पुलिस जांच में जुट गई है, जबकि प्रशासनिक एक्शन भी लिया गया है.

दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम में राजस्व विभाग में बांसवाड़ा के रहने वाले पटवारी रविशंकर खराड़ी ने आत्महत्या कर ली है. रविशंकर बांसवाड़ा जिले के दानपुर क्षेत्र के खजूरी गांव का निवासी था, और वह मध्य प्रदेश के रतलाम में आलोट तहसील में पटवारी पद पर कार्यरत था.

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महिला नायब तहसीलदार प्रताड़ना का आरोप

जानकारी के अनुसार, रविशंकर ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें विभागीय दबाव का जिक्र करते हुए एक महिला नायब तहसीलदार पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि वह इस दबाव के कारण ही यह कदम उठाने को मजबूर हुआ.

ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद लगाई फांसी

घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक दिन पहले ही परिवार में खुशी का माहौल था. मृतक के भाई की शादी हुई थी और अगले दिन ही दबाव में आकर मध्य प्रदेश में ड्यूटी ज्वाइन की थी. इसके बाद ही रविशंकर ने अपने ही साफे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मौके से बिस्तर पर सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

परिवार मांग रहा न्याय

बताया जा रहा है कि करीब दो वर्ष पहले ही रविशंकर को अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, जिससे परिवार को सहारा मिला था. घटना के बाद गुस्साए परिजन रतलाम मेडिकल कॉलेज में एकत्रित हो गए और आरोपित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं महिला नायाब तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया गया है.

वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट को जांच का अहम आधार माना जा रहा है. अब यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और विभागीय दबाव जैसे गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. सभी की नजर जांच पर टिकी है कि आखिर सच्चाई क्या सामने आती है और मृतक को न्याय मिल पाता है या नहीं.

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