हाड़ौती संभाग में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है. कोटा रेंज (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) में साल 2024 से अब तक नशे की तस्करी के 1661 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और 2117 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब सिर्फ पकड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई है. पिछले साल अभियान काफी प्रभावी रहा, जिसमें सबसे ज्यादा कार्रवाई दर्ज की गई.
पिछले 2 साल के दौरान कार्रवाई
- 2024: 646 प्रकरण, 851 गिरफ्तारियां
- 2025: 749 प्रकरण, 975 गिरफ्तारियां
- 2026 (अब तक): 266 प्रकरण, 291 गिरफ्तारियां
झालावाड़ और कोटा ग्रामीण सबसे आगे
नशे के खिलाफ अभियान में झालावाड़ और कोटा ग्रामीण पुलिस का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है. झालावाड़ में 466 प्रकरण और 631 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं. कोटा ग्रामीण में भी बड़ी संख्या में केस दर्ज कर सैकड़ों आरोपियों को पकड़ा गया. इन दोनों इलाकों को लंबे समय से मादक पदार्थों का गढ़ माना जाता रहा है. कोटा शहर, बूंदी और बारां जिलों में भी कार्रवाई जारी है.
हजारों किलों ड्रग्स जब्त हुई
पुलिस ने इस अभियान के दौरान हजारों किलो ड्रग्स भी जब्त किए हैं, जिनमें डोडा पोस्त, गांजा, अफीम, स्मैक, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स शामिल हैं. बरामदगी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रहे करोड़ों रुपये के वाहनों को भी जब्त किया है, जिससे नशा तस्करी के नेटवर्क को आर्थिक नुकसान पहुंचा है.
आईजी के निर्देश- नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करें
कोटा रेंज आईजी ने सभी जिलों के एसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार रणनीति बनाकर काम किया जाए. यह अभियान आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है, जिससे हाड़ौती क्षेत्र को नशे के गढ़ की छवि से बाहर निकाला जा सके.
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