Rajasthan AG: हाईकोर्ट की फटकार के बाद एडवोकेट जनरल की नियुक्ति, राजेंद्र प्रसाद बने राजस्थान के महाधिवक्ता

Rajasthan AG Rajendra Prasad: राजस्थान हाईकोर्ट से फटकार लगने के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान के एडवोकेट जनरल की नियुक्ति कर दी है. राजेंद्र प्रसाद राजस्थान के नए महाधिवक्ता बनाए गए हैं. उनकी नियुक्ति का पत्र राज्यपाल कलराज मिश्र के हस्ताक्षर के बाद जारी कर दिया गया है.

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हाईकोर्ट की फटकार के बाद राजस्थान सरकार ने राजेंद्र प्रसाद को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया.

Rajasthan AG Rajendra Prasad: वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद राजस्थान के नए महाधिवक्ता होंगे. एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई है. बयान के मुताबिक, राज्यपाल कलराज मिश्र ने उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. राजभवन द्वारा जारी बयान के अनुसार, राज्यपाल मिश्र ने राजेंद्र प्रसाद की नियुक्ति के राज्य सरकार के प्रस्ताव का शनिवार को मंजूरी प्रदान कर दी. मालूम हो कि लगभग दो महीने से यह पद खाली था. जिसके लिए राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार भी लगाई थी. हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने राजेंद्र प्रसाद को राजस्थान का एडवोकेट जनरल बनाए जाने वाले प्रस्ताव पर राज्यपाल से हस्ताक्षर करवा कर यह उनकी नियुक्ति का आदेश पारित करवाया है. 

वसुंधरा राजे सरकार में भी एजी थे राजेंद्र प्रसाद

मालूम हो कि राजेंद्र प्रसाद भाजपा की पिछली वसुंधरा राजे वाली सरकार में भी महाधिवक्ता थे. दो महीने से खाली राजस्थान एडवोकेट जनरल को लेकर दो दिन पहले जोधपुर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार से महाअधिवक्ताओं और अतिरिक्त अधिवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर 5 फरवरी तक जवाब मांगा था. उसके अगले ही दिन सरकार ने एडवोकेट जनरल की नियुक्ति कर दी. हालांकि अभी अतिरिक्त अधिवक्ताओं की नियुक्ति नहीं की गई है. 

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1985 से वकालत कर रहे राजेंद्र प्रसाद

बताते चले कि सीनियर एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद वसुंधरा राजे सरकार में अतिरिक्त महाधिवक्ता थे. उन्होंने 1985 से वकालत शुरू की थी. बताते चले कि हाईकोर्ट में सरकार से जुड़े सभी मामलों की पैरवी एजी और एएजी की ओर से की जाती है, लेकिन पिछले दो महीनों ने सरकार से जुड़े हुए मामलों की तारीख पर हाईकोर्ट में सरकार की पैरवी नहीं हो पाई थी. क्योंकि यह पद खाली था. ऐसे में इन मामलों को हाईकोर्ट को आगे बढ़ाना पड़ा. अब एजी की नियुक्ति के बाद सरकार से जुड़े मामलों में सुनवाई का रास्ता खुल गया है. 

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