विज्ञापन

Rajasthan: जब आमने-सामने हुए पूर्व CM गहलोत और राजेंद्र गुढ़ा, ‘लाल डायरी’ का जिक्र फिर बना चर्चा का विषय

राजस्थान की राजनीति में चर्चित ‘लाल डायरी’ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. सगाई समारोह में अशोक गहलोत और राजेंद्र गुढ़ा की मुलाकात के दौरान लाल डायरी का जिक्र हुआ जिससे सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई.

Rajasthan: जब आमने-सामने हुए पूर्व CM गहलोत और राजेंद्र गुढ़ा, ‘लाल डायरी’ का जिक्र फिर बना चर्चा का विषय
अशोक गहलोत और राजेंद्र गुढ़ा की मुलाकात.

Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में कभी बड़ा विवाद बन चुकी ‘लाल डायरी' एक बार फिर चर्चा में आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot और उनके पूर्व मंत्री Rajendra Gudha की मुलाकात एक निजी कार्यक्रम में हुई. यह मुलाकात कांग्रेस नेता Dharmendra Rathore के बेटे की सगाई समारोह के दौरान हुई. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत और ‘लाल डायरी' का जिक्र होने से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है.

लाल डायरी से बढ़ी थी दोनों के बीच दूरी

गहलोत सरकार के कार्यकाल के आखिरी दौर में ‘लाल डायरी' विवाद ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था. उस समय राजेंद्र गुढ़ा ने दावा किया था कि उनके पास एक लाल डायरी है जिसमें अशोक गहलोत के राजनीतिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य दर्ज हैं. यह डायरी गहलोत के करीबी माने जाने वाले धर्मेंद्र राठौड़ के दैनिक संस्मरण के रूप में लिखी गई बताई गई थी. उस समय यह भी चर्चा रही कि अगर यह डायरी सार्वजनिक हुई तो गहलोत की छवि को नुकसान हो सकता है.

विधानसभा तक पहुंचा था मामला

राजेंद्र गुढ़ा इस डायरी को लेकर विधानसभा तक पहुंच गए थे. उस दौरान सदन में भी इस मुद्दे पर काफी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला था. दिलचस्प बात यह है कि एक समय में गुढ़ा गहलोत के करीबी और समर्थक माने जाते थे. बाद में दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और यह विवाद सार्वजनिक हो गया.

सरकार बचाने में निभाई थी अहम भूमिका

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि जब Sachin Pilot की नाराजगी के कारण सरकार संकट में थी तब राजेंद्र गुढ़ा समेत छह विधायकों का समर्थन अशोक गहलोत के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ था. इसी समर्थन के कारण सरकार बची थी. हालांकि बाद में गुढ़ा ने लाल डायरी का मुद्दा उठाकर साल 2023 के विधानसभा चुनाव में Shiv Sena के टिकट पर चुनाव भी लड़ा.

मुलाकात में दिखी पुरानी दोस्ती की झलक

सगाई समारोह में जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई तो अशोक गहलोत ने मुस्कुराते हुए गुढ़ा का हाथ थामकर ‘लाल डायरी' का जिक्र किया. कार्यक्रम के मेजबान धर्मेंद्र राठौड़ ने भी कहा कि सरकार बचाने में गुढ़ा की बड़ी भूमिका रही थी. गहलोत ने गुढ़ा का परिचय कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Mukul Wasnik से भी करवाया.

एक साथ किया डिनर

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का हालचाल पूछा. गुढ़ा ने गहलोत की सेहत के बारे में भी जानकारी ली. बाद में दोनों एक ही दस्तरखान पर बैठकर डिनर करते भी नजर आए. 11 मार्च को हुई यह मुलाकात अब राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है.

हालांकि अशोक गहलोत पहले भी कई बार कह चुके हैं कि लाल डायरी जैसी कोई चीज मौजूद नहीं है. अब यह मुलाकात क्या पुराने विवाद को खत्म करने की शुरुआत है या सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी यह आने वाले समय में साफ होगा.

यह भी पढ़ें- फलोदी: मारपीट केस की MLC रिपोर्ट के बदले डॉक्टर ने मांगी 7 हजार रिश्वत, ACB ने रंगे हाथ दबोचा 

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close