Rajasthan News: राजस्थान के ग्रामीण इलाकों को चकाचक करने के लिए भजनलाल सरकार ने कमर कस ली है. प्रदेश के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर आज, 1 अप्रैल को पूरे राज्य में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एक बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान का मकसद सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर गांवों को साफ-सुथरा बनाना है. मंत्री दिलावर खुद लगातार ग्राम पंचायतों का दौरा कर रहे हैं और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को मौके पर ही सजा भी सुना रहे हैं.
हर ग्राम पंचायत पर रहेगी पैनी नजर
निदेशालय स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, आज प्रदेश की हर एक ग्राम पंचायत में सफाई गतिविधियों की बारीकी से जांच की जाएगी. इसके लिए जिला स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. जिले और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं, जो गांव-गांव जाकर सफाई की वास्तविक स्थिति देखेंगी.
इन कामों की होगी विशेष जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल ऑफिस में नहीं बैठेंगे, बल्कि उन्हें मौके पर जाकर यह देखना होगा कि क्या हर घर से कचरा उठाया जा रहा है? नालियों की सफाई नियमित हो रही है या नहीं? गांव की सड़कों और सार्वजनिक शौचालयों की हालत कैसी है? अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी कमी मिले, उसे तुरंत नोट करें. अगर कहीं गंदगी पाई जाती है, तो उसे ठीक करने के लिए विभाग ने केवल 3 दिन का समय दिया है. यानी तीन दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था में सुधार कर उसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी.
बजट के उपयोग पर भी कसेगा शिकंजा
इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू पैसा है. अक्सर शिकायतें मिलती हैं कि स्वच्छता के लिए आने वाला बजट अन्य कामों में लगा दिया जाता है. इस बार मंत्री दिलावर ने साफ कर दिया है कि पांचवें और राज्य वित्त आयोग से स्वच्छता के लिए जो राशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग सिर्फ और सिर्फ सफाई कार्यों में ही होना चाहिए. निरीक्षण अधिकारी अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात का जिक्र करेंगे कि बजट का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
मंत्री मदन दिलावर की छवि एक सख्त प्रशासक की रही है. पिछले दिनों कई दौरों में उन्होंने खामियां मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. आज का यह सघन निरीक्षण अभियान उसी कड़ी का हिस्सा है. सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि ग्रामीण राजस्थान में स्वच्छता केवल एक नारा न रहे, बल्कि लोगों के जीवन का हिस्सा बने.
ये भी पढ़ें:- हनुमान जयंती पर मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की सजावट देख दंग रह जाएंगे आप, दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब