Rajasthan News: राजस्थान में अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में वर्ष 2025 की खरीफ फसल प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गई थी. इसके बावजूद किसानों को अब तक मुआवजा और मुख्यमंत्री आपदा राहत राशि नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ती गई. मंगलवार को यह नाराजगी बड़े प्रदर्शन में बदल गई जब दर्जनों गांवों के किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए.
ट्रैक्टरों का काफिला बना ताकत का प्रदर्शन
डींडवाना बरना बड़गांव तित्यारी कदमपुरा खंडास तिहरी रारी बिती चौसला सरगांव पाटन चूरली चूंदड़ी तोलामाल और नया गांव सहित कई गांवों से किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर डींडवाना प्वाइंट पर जुटे. वहां से लंबा काफिला उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुआ जिससे रास्ते में यातायात प्रभावित रहा है.
गेट पर रोकने से बढ़ा तनाव
कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचते ही पुलिस ने किसानों को रोक लिया. कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण रहा. बाद में समझाइश के बाद किसानों को अंदर जाने दिया गया जहां वे परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए.
अधिकारियों की देरी से भड़का आक्रोश
धरना शुरू होने के बाद करीब ढाई से तीन घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इससे किसानों में रोष बढ़ गया. किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क जाम किया जाएगा और अजमेर की ओर कूच भी किया जा सकता है.
पुलिस की सतर्क तैनाती
स्थिति को देखते हुए डीएसपी अजय सिंह राठौड़ सीआई बन्नालाल जाट बांदरसिंदरी थाना प्रभारी दयाराम चौधरी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा.
पहले दिया ज्ञापन भी बेअसर
किसानों ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को ज्ञापन सौंपने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. कर्ज बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च का बोझ बढ़ता जा रहा है.
आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
करीब तीन घंटे बाद उपखंड अधिकारी रजत यादव पहुंचे और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इसके बाद धरना समाप्त हुआ. किसानों ने चेताया कि मुआवजा नहीं मिला तो महापंचायत के तहत उग्र आंदोलन होगा.
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