Rajasthan News: राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन स्वास्थ्य क्षेत्र अभी भी प्राथमिकताओं में नजर नहीं आता है.
उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए थे. फ्री जांच योजना, निशुल्क दवा योजना और 25 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज जैसी योजनाओं से आम लोगों को राहत मिली और राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ.
डबल इंजन सरकार हेल्थ पर गंभीर नहीं
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान डबल इंजन सरकार ने राइट टू हेल्थ जैसे अहम मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने IPD टॉवर परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि ढाई साल बीत जाने के बाद भी यह शुरू नहीं हो पाई है, जो सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है.
उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में कई जिला अस्पतालों का विस्तार किया गया और 17 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए थे. लेकिन मौजूदा सरकार इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में असफल रही है.
'राज्य में कितनी MRI मशीनें कर रही हैं काम'
जयपुर के SMS अस्पताल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां मरीजों को MRI जैसी जरूरी जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकना पड़ रहा है. साथ ही RGHS योजना को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और पूछा कि राज्य में कितनी MRI मशीनें काम कर रही हैं और हीलियम की उपलब्धता का क्या प्रबंधन है.
उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज में लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए उनकी सरकार ने 25 लाख रुपये तक के इलाज की योजना शुरू की थी. कोविड काल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय राजस्थान मॉडल की सराहना हुई थी, लेकिन अब कई प्लांट निष्क्रिय पड़े हैं. रघु शर्मा ने कहा कि ये सभी सवाल जनहित से जुड़े हैं और सरकार को इन पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए.
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