राजस्थान में कोरोना को लेकर एडवाइजरी जारी, इन नियमों का करना होगा पालन, जयपुर में मिले मरीज इन जिलों के रहने वाले

केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली और गोवा में कोविड का नया सब वैरिएंट JN.1 पाया गया है. साथ ही राजस्थान में भी बीते दो दिनों में कोरोना के 4 नए मरीज मिले है. ऐसे में एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है.

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राजस्थान में कोरोना को लेकर हेल्थ एडवाइजरी जारी.

Rajasthan Govt Health Advisory Covid: भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन-1 से चिंता की लहर दौड़ पड़ी है. भारत में इस वैरिएंट के मरीज केरल में मिले है. जहां बीते कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी देखी जा रही है. इस बीच राजस्थान के दो अलग-अलग जिलों से बीते दो दिनों चार नए मरीजों की पुष्टि हुई है. जिसके बाद प्रदेश में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है. 

दरअसल कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोविड-19 एवं श्वसन रोगों से बचाव व नियंत्रण के लिए राजस्थान में परामर्श जारी किए गए हैं. परामर्श के अनुसार विशेषज्ञों की राय में प्रथम दृष्टया यह अपेक्षाकृत कम संक्रमण वाला प्रतीत होता है.

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जयपुर में पॉजिटिव मिले दो मरीज झुंझुनूं और भरतपुर के मूल निवासी

मालूम हो कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण के चार नए मामले सामने आए हैं. सरकारी बयान के अनुसार जैसलमेर में दो तथा जयपुर में दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए हैं. जयपुर में मिले संक्रमित में से एक झुंझुनूं तथा दूसरा भरतपुर का मूल निवासी है.

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केरल, कर्नाटक, मराहाष्ट्र, दिल्ली, गोवा में मिले जेएन-1 वैरिएंट के मरीज

केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली व गोवा में कोविड का नया सब उप स्वरूप ‘जेएन-1' पाया गया है. परामर्श के मुताबिक हल्की सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब के रोगी चिकित्सक की सलाह समय पर लेते हैं तो रोग के नियंत्रण पर प्रभावी व तत्काल काबू पाया जा सकता है.

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सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब के लक्षण की स्थिति में आइसोलेशन और उक्त लक्षणों के गंभीर या लम्बी अवधि होने की स्थिति में तथा ज्यादा संक्रमण पर अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है.

संक्रमण के लक्षण होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक की सलाह अनुसार कोविड-19 की जांच व उपचार समय रहते लिया जाना चाहिए. परामर्श के मुताबिक संक्रमित रोगियों जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब की तकलीफ है, उन्हें दूसरे लोगों से दूरी बनानी चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए एवं हाथों को आवश्यकतानुसार साबुन से 20 सेकंड तक धोना या सेनिटाइजर का उपयोग करना चाहिए.

राजस्थान सरकार के कोविड हेल्थ एडवाजरी के अहम प्वाइंट:-

• सर्दी के मौसम में खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब आदि लक्षणों के रोगियों की संख्या में वृद्धि पायी जाती है. वर्तमान में देश के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में कोविड केसेज की संख्या में भी वृद्धि पायी गयी है. केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली व गोवा राज्यों में कोविड का नया सब वेरियेन्ट JN.1 पाया गया है. राजस्थान राज्य में जैसलमेर में दो तथा जयपुर में दो रोगी जिनमें एक झुंझुनूं तथा दूसरा भरतपुर के मूल निवासी हैं, संक्रमित पाये गये हैं। विशेषज्ञों की राय अनुसार प्रथम दृष्टया यह अपेक्षाकृत Mild Infection प्रतीत होता है.

• हल्की सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब के रोगी चिकित्सक की सलाह समय पर लेते हैं तो रोग के नियंत्रण पर प्रभावी व तत्काल काबू पाया जा सकता है.

• चिकित्सक के परीक्षण उपरान्त आईएलआई (ILI - Influenza-like Illness) रोगियों में सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब के लक्षण की स्थिति में होम आईसोलेशन एवं उक्त लक्षणों के गम्भीर या लम्बी अवधि होने की स्थिति में तथा Severe acute respiratory illness (SARI) के संक्रमण पर अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है.

• बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं एवं को-मोर्बिडिटी वाले व्यक्तियों यथा डायबिटीज, कैंसर, हृदय रोग व अन्य गंभीर बीमारियों के रोगियों को सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब के लक्षण की स्थिति में सतर्क रहने व विशेष ध्यान रखते हुए तुरन्त चिकित्सक के अनुसार उपचार /कोविड टेस्ट करवाये जाने की सलाह दी जाती है। क्यांेकि उनमें रोग के गम्भीर होने की ज्यादा सम्भावना रहती है.

• आईएलआई व SARI के लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक की सलाह अनुसार कोविड-19 की जांच व उपचार समय रहते लिया जाना चाहिए.

• आईएलआई के रोगियों जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम व गला खराब की तकलीफ है, उन्हें दूसरे लोगों से दूरी बनानी चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए एवं हाथों को आवश्यकतानुसार साबुन से 20 सैकेण्ड तक धोना या सेनेटाईजर का उपयोग करना चाहिए.

• आने वाले त्यौहार व नववर्ष पर कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर की पालना की जानी चाहिए। आमजन में कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर प्रणाली का उपयोग संक्रमण से बचाव हेतु उपयुक्त प्रक्रिया है.

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