महेश जोशी की गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली याचिका खारिज, पापा को बचाने के लिए बेटे ने दी थी पिटीशन

महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की ओर से याचिका दायर की गई थी. याचिका में रोहित जोशी ने आरोप लगाया था कि उनके पिता की गिरफ्तारी के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया.

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महेश जोशी (NDTV)

राजस्थान की पूर्व मंत्री महेश जोशी को राहत नहीं मिलती दिख रही है. अब राजस्थान हाईकोर्ट से भी पूर्व मंत्री महेश जोशी को राहत नहीं मिली है. जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका खारिज कर दी है. बताया जा रहा है कि इस याचिका को उनके बेटे रोहित जोशी ने दायर की थी. 

जस्टिस उमाशंकर व्यास और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसके विस्तृत कारणों पर अलग से आदेश जारी किया जाएगा.

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आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पालन नहीं करने की बात

दरअसल, महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की ओर से याचिका दायर की गई थी. याचिका में रोहित जोशी ने आरोप लगाया था कि उनके पिता की गिरफ्तारी के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और परिवार को गिरफ्तारी के आधारों की लिखित जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी को अवैध घोषित करते हुए महेश जोशी की तत्काल रिहाई की मांग की थी.

एक ही आधार पर अलग-अलग मंचों पर दायर नहीं की जा सकती

वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इसी मुद्दे पर एसीबी कोर्ट पहले ही महेश जोशी की अर्जी खारिज कर चुकी है. एक ही आधार पर अलग-अलग मंचों पर याचिका दायर नहीं की जा सकती. उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी की जानकारी परिवार को समय पर मौखिक और तकनीकी माध्यमों से दे दी गई थी.

गौरतलब है कि एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को 7 मई को उनके निवास से गिरफ्तार किया था. इसके बाद 11 मई को उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. ट्रायल कोर्ट भी 9 जून को उनकी अर्जी खारिज कर चुकी है.

इस मामले में जल जीवन मिशन में कथित घोटाले के आरोपों की जांच जारी है. इसी केस में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ लगभग 17,500 पन्नों की चार्जशीट दायर की गई है.

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