राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की जूनियर असिस्टेंट की नियुक्ति पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने रोक लगा दी. अगली सुनवाई तक इन पदों को भरने (नियुक्ति देने) पर रोक लगा दी है. भर्ती को लेकर दायर याचिका पर आज जोधपुर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. रेस्पोंडेंट पक्ष के वकील के बार-बार समय मांगने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई.
परिणाम को कई बार संशोधित किया
याचिकाकर्ताओं के वकील आनंद शर्मा और वकील अरविंद कुमार शर्मा ने पैरवी की. अधिवक्ता आनंद शर्मा ने मजबूती से पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने न्यायालय के सामने यह तथ्य रखा कि भर्ती का परिणाम कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के संशोधित किया गया, जबकि विज्ञप्ति में स्पष्ट प्रावधान था कि मुख्य परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट के अंकों को जोड़कर अंतिम मेरिट बनाई जाएगी.
टाइपिंंग टेस्ट के अंक नहीं जोड़े गए
अभ्यर्थियों के टाइपिंग टेस्ट के अंक जोड़े ही नहीं गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है. साथ ही यह भी बताया गया कि पहले जारी दस्तावेज सत्यापन सूची में शामिल अभ्यर्थियों को बाद में बिना किसी कारण बाहर कर दिया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए संबंधित सभी पदों को रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं.
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