देश जहां डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं जालोर जिले का एक गांव आज भी इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है. भीनमाल उपखंड के बुगांव ग्राम पंचायत का आजबर गांव विकास से कोसों दूर है, यहां के लोग आज भी बेबसी भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं. यह गांव भीनमाल विधानसभा क्षेत्र में आता है.
आपातकाल में स्थिति गंभीर हो जाती है
हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को मोबाइल चलाने और बात करने के लिए करीब 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. गांव में नेटवर्क की स्थिति इतनी खराब है कि कई लोग अपने घरों की छत पर चढ़कर ही किसी तरह फोन पर बात कर पाते हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि गांव में अगर कोई आपातकालीन स्थिति बन जाए, तो तत्काल सूचना देना भी संभव नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि न तो एम्बुलेंस को बुला सकते हैं, न फायर ब्रिगेड और न ही पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचना दे सकते हैं.

ग्रामीण ने बताया कि उसके मोबाइल पर नेटवर्क भी नहीं आता.
2-3 दिन में ही बात हो पाती है
गांव के कई लोग रोजगार के लिए बाहर रहते हैं, लेकिन अपने परिवार से संपर्क करना उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. प्रवासियों का कहना है कि कई बार 2-3 दिन में एक बार ही बात हो पाती है, वह भी तब जब परिजन छत पर जाते हैं. बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा कठिन है.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर वर्तमान विधायक, सांसद और पूर्व विधायक सभी को कई बार अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ.
3 किलोमीटर दूर जाता पड़ता है
ग्रामीण ने बताया, "हमें 3 किलोमीटर दूर जाकर फोन करना पड़ता है, यहां नेटवर्क ही नहीं है. कई बार तो 2-3 दिन में बात हो पाती है. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए." भीनमाल के विधायक समरजीत सिंह ने NDTV को बताया कि मेरी जानकारी में नहीं है. कंपनियों को बुलाकार बात करते हैं.
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