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This Article is From Mar 22, 2026

ईरान-इजराइल युद्ध का राजस्थान में असर, जयपुर में घेवर उत्पादन और निर्यात में 30% गिरावट

ईरान- इजराइल और अमेरिका युद्ध से जयपुर घेवर पर भारी मार. गणगौर में 30 प्रतिशत उत्पादन घटा एलपीजी कमी और निर्यात रुका. 3 लाख किलो कम बना. व्यापारी परेशान. मलाई पनीर केसर वैरायटी बाहर नहीं जा सकी. मिठास फीकी पड़ गई.

ईरान-इजराइल युद्ध का राजस्थान में असर, जयपुर में घेवर उत्पादन और निर्यात में 30% गिरावट
ईरान- इजराइल और अमेरिका युद्ध से जयपुर घेवर पर भारी मार

Rajasthan News: ईरान- इजराइल और अमेरिका के युद्ध ने जयपुर घेवर की मिठास फीकी कर दीजयपुर. राजस्थान की प्रसिद्ध घेवर मिठाई की चर्चा हर कोई करता है. यह राजस्थान की शान है. गणगौर त्योहार पर तो घेवर बिना किसी भी मिठाई की दुकान अधूरी लगती है. लेकिन इस बार खाड़ी देशों के युद्ध ने इस मिठाई के कारोबार पर गहरा असर डाला है. जयपुर में घेवर का उत्पादन 30 प्रतिशत कम हो गया है. इससे व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ.

गणगौर सीजन में मंदी का असर

जयपुर में इस सीजन घेवर का कारोबार मंदा रहा. उत्पादन 30 प्रतिशत कम हुआ. यानी करीब तीन लाख किलो घेवर कम तैयार किया गया. हर साल गणगौर के दौरान यहां दस लाख किलो घेवर बनाया जाता है. इसकी कीमत 80 से 100 करोड़ रुपये तक होती है. इस कमी से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

एलपीजी की कमी ने बढ़ाई मुश्किल

मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते एलपीजी की आपूर्ति बाधित हुई है. कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे. इस वजह से घेवर का उत्पादन घट गया. बिना सिलेंडर के कारीगर कैसे काम करें. यह बड़ी समस्या बन गई है.

निर्यात और पर्यटन दोनों प्रभावित

घेवर का निर्यात भी इस बार कम रहा. मिडिल ईस्ट देशों की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं. फ्लाइट्स कम होने से घेवर बाहर नहीं भेजा जा सका. साथ ही पर्यटक भी कम आए. इससे बाजार की चहल पहल घट गई.

स्वीट्स कंपनियों के अनुभव

एलएमबी स्वीट्स के एमडी अजय अग्रवाल ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण 30 से 35 प्रतिशत घेवर का उत्पादन कम हुआ. चूंकि उत्पादन कम हुआ इसलिए व्यापार भी घटा. हमने बड़े ऑर्डर भी नहीं लिए. गैस की जगह वैकल्पिक ईंधन जैसे कोयला और डीजल का उपयोग किया जा रहा है. लेकिन कारीगर गैस पर काम करने के आदी हैं. 

ऐसे में नई व्यवस्था पर मिठाई बनाना मुश्किल हो रहा है. कांजी स्वीट्स के संचालक नवीन हरितवाल ने बताया कि जयपुर से मलाई घेवर पनीर घेवर केसर घेवर और कई अन्य वैरायटी बाहर जाती है. इस बार गैस की कमी के कारण उत्पादन करने में परेशानी हुई. फिलहाल स्थिति सामान्य होने का इंतजार है. घेवर प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा.

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