अजमेर में एनडीपीएस एक्ट में कांग्रेस नेता का नाम सामने आने से सियासत गरमा गई है. बीजेपी पदाधिकारियों ने प्रशासन से एसआईटी की जांच की मांग की है. शनिवार (1 अगस्त) को बीजेपी जिला अध्यक्ष रमेश सोनी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा. उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. बीजेपी की मांग है कि प्रतिबंधित इंजेक्शनों की कथित अवैध बिक्री, फर्जी बिलिंग और दवा कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए.
4 मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन ने मारा था छापा
दरअसल, औषधि नियंत्रण विभाग ने जिले के 4 मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई की थी. इसी मामले में कांग्रेस नेता सैयद फखरे का नाम आने पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं. भाजपा ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच और सामने आए दस्तावेजों में शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष सैयद फखरे का नाम सामने आया है. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
बैंक खाते और बिलिंग रिकॉर्ड की जांच हो- बीजेपी
भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है. मेडिकल स्टोर, ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर और गोदामों में विशेष जांच अभियान चलाकर स्टॉक, बैंक खातों और बिलिंग रिकॉर्ड की गहन जांच कराई जानी चाहिए.
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए. जांच की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की.
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